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12 Jyotirlinga listज्योतिर्लिंग मंदिर इस प्रकार हैं, जहां शिव प्रकाश के एक उग्र स्तंभ के रूप में प्रकट हुए हैं। आज हम इस आर्टिकल में भारत में स्थित १२ ज्योतिर्लिंग के बारे में जानेंगे।

Shiv Ling Image Credit : Pixabay

ज्योतिर्लिंग सर्वोच्च आंशिक वास्तविकता है, जिसमें से आंशिक रूप से शिव प्रकट होते हैं। 

ज्योतिर्लिंग मंदिर इस प्रकार हैं, जहां शिव प्रकाश के एक उग्र स्तंभ के रूप में प्रकट हुए हैं।

मूल रूप से माना जाता था कि 64 ज्योतिर्लिंग हैं जबकि उनमें से 12 को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है।

बारह ज्योतिर्लिंग स्थलों में से प्रत्येक में पीठासीन देवता का नाम लिया गया है – प्रत्येक को शिव का अलग-अलग रूप माना जाता है।

इन सभी स्थलों पर, प्राथमिक छवि शिव के अनंत स्वरूप के प्रतीक, शुरुआत और अंतहीन स्तंभ का प्रतिनिधित्व करती है।

How much Jyotirling in india? - भारत में कितने ज्योतिर्लिंग आए हुवे है?

12 Jyotirlinga list

Image Credit : Wikimedia (Madandaku)

ज्योतोर्लिंग उस स्थान को कहा जाता है जहाँ पर भगवान शिव स्वयं प्रगट हुवे थे और ज्योति स्वरुप में स्थापित हुवे हे।

भारत में कुलमिलाकर 12 ज्योतिर्लिंग आये हुवे है। जो इस प्रकार है..

  1. सोमनाथ – गुजरात
  2. मल्लिकार्जुन – आंध्रप्रदेश
  3. महाकालेश्वर – मध्यप्रदेश
  4. ओंकारेश्वर – मध्यप्रदेश
  5. केदारनाथ – उत्तरप्रदेश
  6. भीमाशंकर – महाराष्ट्र
  7. विश्वेश्वर – उत्तरप्रदेश
  8. त्र्यंबकेश्वर – महाराष्ट्र
  9. बैजनाथ – महाराष्ट्र
  10. नागेश्वर – गुजरात
  11. रामेश्वरम – तमिलनाडु
  12. घृष्णेश्वर – महाराष्ट्र

जिनमे से कुछ ज्योतिर्लिंग के बारे में मैंने विस्तार से आर्टिकल लिखे हुवे है जिसे आप उनके नाम पर क्लीक करके विस्तार से पढ़ सकते है

बाकि के सारे ज्योतिर्लिंग के बारे में भी में विस्तार से आर्टिकल लिखूंगा तब उसे यहाँ पर अपडेट करदूंगा।

आइये इन सभी ज्योतिर्लिंग के स्थान के बारे में यहाँ पर हम संक्षिप्त में जानते है।

12 Jyotirlinga List

Somnath - सोमनाथ

Image Credit : Flickr

सोमनाथ मंदिर भारत के पश्चिमी तट पर सौराष्ट्र के वेरावल के प्रभास पाटन में स्थित है।

भगवान शिव के कुल 12 ज्योतिर्लिंग है जिसमे से गुजरात में कुल 2 ज्योतिर्लिंग आए हुवे है।

पहला ज्योतिर्लिंग यहाँ सोमनाथ में स्थापित है।

पुराणों में ऐसा उल्लेख मिलता है की यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना खुद चंद्र देव ने की थी। सोमनाथ का मतलब सोम यानि चंद्र के नाथ। 

इस लिए इसे सोमेश्वर भी कहा जाता है। सोमेश्वर का मतलब चंद्र के स्वामी।

ऐसा माना जाता है की सोमनाथ के दर्शन मात्र से ही मनुष्य को सभी पापो से मुक्ति मिल जाती है।

मंदिर के गर्भगृह में एक काले पत्थर से निर्मित विशाल शिवलिंग स्थापित है जो करीब 7 फ़ीट ऊँचा है।

मंदिर का पूरा गर्भ गृह सोने से बना हुवा है। जो सब 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे अलग है।

यह मंदिर तब अत्यंत वैभवशाली था जिसकी वजह से इतिहास में कई बार यह मंदिर लूटा गया, निजी स्वार्थ के कारन कई बार तोड़ा गया तथा कई अच्छे राजाओं के द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था।

दर्शन समय : 6 Am – 9 Pm

आरती समय : 7 Am, 12 Pm & 7 Pm

विस्तार से पढ़ें : सोमनाथ मंदिर

Mallikarjun - मल्लिकार्जुन

Image Credit : Wikipedia (Saisumanth532)

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग कृष्णा नदी के किनारे आए हुवे श्री शैल पर्वत पर बना हुवा है। 

शैल पर्वत को दक्षिण के कैलाश पर्वत के नाम से भी जाना जाता है।

भगवान शंकर और माता शक्ति को समर्पित यह ज्योतिर्लिंग भारत के राज्य आंध्रप्रदेश में आया हुवा है।  

इस ज्योतिर्लिंग को श्रीशैलम मंदिर या श्री भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन मंदिर के नाम से जाना जाता है।

यहाँ पर शिव को मल्लिकार्जुन के रूप में और उनकी पत्नी पार्वतीजी को भ्रामराम्बा के रूप में पूजा जाता है।

इस पवित्र स्थान का महत्व शिव पुराण,महाभारत और कई धार्मिक ग्रंथो में भी देखने को मिलता है।

यह ज्योतिर्लिंग दूसरे ज्योतिर्लिंग से अनोखा इस लिए है क्यूंकि यहाँ पर भगवान शिव और पार्वती दोनों बिराजमान है।

मल्लिकार्जुन नाम दो शब्दों का मेल है।जिस में मल्लिका नाम को माता पार्वती को और अर्जुन भगवान शिव को दर्शाता है।

मल्लिकार्जुन माता सती के ५२ शक्ति पीठों में से एक है।

भगवान शिव ने माता सती के शव को लेकर पुरे ब्रह्मांड में तांडव किया था तब उनके शरीर के अंग 52 स्थानों पर जा गिरे थे उन्ही स्थानों को शक्तिपीठों के नाम से जाना जाता है। 

ऐसा कहा जाता है के सती के ऊपरी होठ का हिस्सा यहाँ मल्लिकार्जुन में गिरा था।

शक्ति पीठ और ज्योतिर्लिंग एक ही स्थान पर होने के कारण यह स्थान हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहोत ही खास महत्व रखता है।

दर्शन समय : 5:30 Am – 3:30 Pm & 4:30 Pm – 10 Pm

12 Jyotirlinga List

Mahakaleshwar - महाकालेश्वर

Image Credit : Wikimedia (Anshul sharma)

भगवान शिव का यह ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। 

यह ज्योतिर्लिंग भारत के मध्यप्रदेश राज्य के प्राचीन शहर उज्जैन में स्थित है। उज्जैन का प्राचीन नाम उज्जैनी था।

यह ज्योतिर्लिंग पवित्र नदी क्षिप्रा के किनारे पर स्थित है।

इस मंदिर की मुख्य विशेषता यह है की मंदिर के ऊपर ओंकारेश्वर महादेव की मूर्ति प्रतिष्ठित है जो दक्षिणामुखी है मतलब दक्षिण की और है जो एक अनोखी विशेषता है। 

जिसे तांत्रिक शिवनेत्र परंपरा द्वारा केवल 12 ज्योतिर्लिंग में से सिर्फ यहाँ पर ही पाया गया है।

दक्षिणा मुखी, स्वयंभू और भव्य होने के कारण यह ज्योतिर्लिंग एक विशेष महत्व रखता है।

यह मंदिर तीन खंडो में बना हुवा है। निचले खंड में महाकालेश्वर, बीच के खंड में ओंकारेश्वर और ऊपरी खंड में नागचंद्रेश्वर शिवलिंग स्थापित है।

ऐसी मान्यता है की महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

विस्तार से पढ़ें : महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

दर्शन समय : 4 Am – 11 Pm

आरती समय :

  • Bhasma Aarti – 4 Am – 6 Am
  • Morning Pooja – 7 Am – 7:30 Am
  • Evening Pooja – 5 Pm – 5:30 Pm
  • Shree Mahakaal Aarti – 7 Pm – 7:30 Pm

Omkareshwar - ओंकारेश्वर

Image Credit : Wikipedia

भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में चौथा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है। 

ओमकार का उच्चारण सबसे पहले श्रुष्टि कर्ता ब्रह्मा के मुख से हुवा था और जब वेदों का पठन होता है तब प्रारंभ में ओम का ही उच्चारण होता है। 

उसी ओमकार स्वरुप ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर है। यहाँ पर भगवान शिव ओमकार स्वरुप में प्रगट हुवे है। 

यह ज्योतिर्लिंग भी मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के तट पर आया हुवा है।

ओंकारेश्वर में भगवान शिव के दो मंदिर बने हुवे है।

एक ओंकारेश्वर : जिसका अर्थ ओमकार का भगवान (जो शहर के अंदर स्थित है) और 

दूसरा अमरेश्वर : जिनके नाम का अर्थ है अमर देवता (जो नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है)।

पुराणों में शिव पुराण और स्कंद पुराण में इस ओंकारेश्वर क्षेत्र का उल्लेख किया गया है।

यह ऐसा एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो नर्मदा के उत्तर तट पर स्थित है। 

भगवान शिव प्रतिदिन तीनो लोकों में भ्रमण के पश्चात यहाँ आकर विश्राम करते हैं। 

इसलिए यहाँ पर प्रतिदिन भगवान शिव की विशेष शयन व्यवस्था एवं आरती की जाती है तथा शयन दर्शन होते हैं।

दर्शन समय : 5 Am – 10 Pm

आरती समय : 

Mangala Arti : 

  • Morning -5 Am – 5:30 Am
  • Evening – 8:20 Pm – 9 Pm

12 Jyotirlinga List

Kedarnath - केदारनाथ

भगवान शिव का यह ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड राज्य में मंदाकिनी नदी के पास गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है।

केदारनाथ नाम का मतलब केदारखंड के भगवान होता है। 

यह ज्योतिर्लिंग वातावरण की प्रतिकूलताओं के कारण कुछ ही महीनों के लिए दर्शन के लिए खुला रहता है।

मंदिर केवल अप्रैल (अक्षय तृतीया) और नवंबर (शरद पूर्णिमा) के महीनों के बिच ही आम जनता के लिए खुला रहता है।

शर्दियों के दिनों में भगवान को उखीमठ ले जाया जाता है और वहीं से ही अगले 6 महीनों के लिए भगवान की पूजा की जाती है।

इस ज्योतिर्लिंग तक सड़क मार्ग से सीधे पहुंचा नहीं जा सकता। 

आपको यहाँ तक पहुँचने के लिए गौरीकुंड से 22 किमी की ऊंचाई तक पहुंचना पड़ता है।

यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे ऊंचाई पर स्थित है। 

हिंदू लोकवायकाओं के अनुसार इस मंदिर को शुरुआत में पांडवों द्वारा बनाया गया था।

दर्शन समय : 4 Am – 3 Pm & 5 Pm – 9 Pm

रुद्राभिषेक समय : 4 Am – 7 Am

Bhimashankar - भीमाशंकर

Image Credit : Wikipedia

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भारत के महाराष्ट्र राज्य में पुणे के पास सह्याद्रि पर्वतमाला के घाट क्षेत्र के शिवाजीनगर से 110 किमी की दूरी पर आया हुवा है। 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दक्षिण पूर्व में बहती हुई भीमा नदी के तट पर आया हुवा है। यह नदी रायचूर के पास कृष्णा नदी से मिल जाती है।

नागर वास्तुकला से बना हुवा यह मंदिर 18 वीं शताब्दी का है।

यह माना जाता है की प्राचीन मंदिर एक स्वयंभू लिंग पर बनाया गया है। लिंग मंदिर के गर्भ गृह के तल के केंद्र में स्थित है।

दर्शन समय : 2:30 Am – 11 Pm

Kashi Vishvnath - काशी विश्वनाथ

Image Credit : Wikimedia (Vishwajit1809)

काशी विश्वनाथ जिसे विश्वेस्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव का यह ज्योतिर्लिंग भारत के उत्तरप्रदेश राज्य में वाराणसी में स्थित है।

यह ज्योतिर्लिंग पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। यहाँ पर भगवान शिव को विश्वनाथ (विश्व का नाथ) या विश्वेश्वर (विश्व का ईश्वर) के नाम से जाने जाते है।

प्राचीन समय में वाराणसी शहर को काशी के नाम से जाना जाता था इस लिए इस मंदिर को काशी विश्वनाथ के नाम से भी जाना जाता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है।

दर्शन समय : 2:30 Am – 11 Pm

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Trimbakeshwar - त्र्यंबकेश्वर

Image Credit : wikimedia (Niraj Suryawanshi)

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नाशिक जिले में है। पास में आए हुवे ब्रह्मगिरी पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम स्थान है। गौतम ऋषि तथा गोदावरी के प्रार्थना अनुसार भगवान शिव ने इस स्थान पर वास किया और त्र्यंबकेश्वर नाम से प्रसिद्द हुवे। यह मंदिर ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी में स्थित है।

त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूसरे ज्योतिर्लिंग से असाधारण बात यह है की इसके तीन मुख है। 

एक भगवान विष्णु, एक ब्रह्मा और एक भगवान शिव।

इस लिंग के पास एक रत्न जड़ित मुकुट रखा गया है जिसे त्रिदेव के मुखोटे के रूप में देखा जाता है। 

कहा जाता है की यह मुकुट पांडवों के समय से यहां पर है।

इस मुकुट में हिरा, पन्ना और दूसरे भी कई रत्न जड़े हुवे है। 

त्रयंबकेश्वर मंदिर में इस मुकुट को हर सोमवार को 4 से 5 बजे के बिच में ही दिखाया जाता है।

दर्शन समय : 5:30 Am – 9 Pm

Baidyanath - बैद्यनाथ

Image Credit : Wikipedia (Ravishekharojha)

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत के महाराष्ट्र राज्य के परली में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग को बैद्यनाथ के नाम से भी जाना जाता है।

बैद्यनाथ या बैजनाथ के नाम से प्रख्यात यह तीर्थ देवघर के नाम से भी जाना जाता है।

यह एक शक्ति पीठ भी है। यहाँ पर माता सती का हृदय गिरा था। 

इस लिए ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ होने की वजह से इस मंदिर का विशेष महत्व है।

शिव महा पुराण में इस स्थान का एक विशेष महत्व दर्शाया गया है। 

जिसमे इस स्थान के प्रागट्य के बारे में रावण की कथा दर्शायी गयी है।

कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए भी इस स्थान का बहोत महत्व है। 

मंदिर के पास एक तालाब आया हुवा है जहाँ पर श्रद्धालु स्नान करके कुष्ठ रोग से मुक्ति की कामना करते है।

यह शिवलिंग ग्यारह ऊँगली जितना ही ऊँचा है। उस पर अभी भी रावण के अंगूठे का निशान मौजूद है।

एक लोक वायका के अनुसार बैजू नाम का एक भील हर रोज इस शिवलिंग पर बिलीपत्र चढ़ाके पूजा करता था इस लिए इस ज्योतिर्लिंग को बैजनाथ के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसा माना जाता है की यह ज्योतिर्लिंग एक सिद्ध पीठ है मतलब के इच्छा करने वाले की हर अच्छी मनोकामना पूरी हो जाती है।

दर्शन समय : 4 Am – 3:30 Pm & 6 Pm – 9 Pm

Nageshwar - नागेश्वर

Nageshwar Jyotirling

नागेश्वर एक ज्योतिर्लिंग है जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग मै से 10 वां  है।

गुजरात मै कुल 2 ही ज्योतिर्लिंग स्थापित है। जिनमेंसे पहला सोमनाथ और दूसरा यहाँ नागेश्वर मै स्थित है।

गुजरात के इस नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का पुनः निर्माण टी-सीरीज के गुलशन कुमार ने करवाया था।

दर्शन समय :  6 Am – 9 Pm

श्रृंगार दर्शन :  4 Pm

शयन आरती : 7 Pm

मंदिर बंध होने का समय :  9 Pm

मैंने इस नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में विस्तार से आर्टिकल लिखा हुवा है अगर आप चाहो तो उसे निचे दी गई लिंक पर जाके उसे पढ़ सकते हो।

विस्तार से पढ़ें : नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

Rameshwaram - रामेश्वरम

Image Credit : Wikimedia (Nicholas and Compan)

रामेश्वरम भारत के तमिलनाडु राज्य में रामनाथपुरम जिले में आया हुवा है।

यह भारत में हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है और चारधाम तीर्थ यात्रा का हिस्सा है।

रामेश्वरम दक्षिण भारत के तीन सबसे बड़े मंदिरो में से एक है। 

जो द्रविड़ शैली का सबसे उत्कृस्ट उदहारण है। इसे स्वामीनाथ मंदिर से भी जाना जाता है।

भारत के इस अद्वीतिय मंदिर का निर्माण कार्य करीब 350 वर्षों में पूरा हुवा।

मंदिर के गर्भगृह में जो शिवलिंग है उसकी स्थापना भगवान राम ने की थी इस लिए इस ज्योतिर्लिंग को रामलिंगम के नाम से भी जाना जाता है।

दर्शन समय : 5 Am – 1 Pm & 3 Pm – 9 Pm

Grishneshwar - घृष्णेश्वर

Image Credit : Wikimedia (Sharma.aditya1006)

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग येलगंगा नामक नदी के तट पर स्थित महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के दौलताबाद से 11 किमी की दूरी पर स्थित है।

घृष्णेश्वर शब्द का अर्थ है “दया का स्वामी”। मंदिर हिंदू धर्म की शैव परंपरा में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो इसे अंतिम या बारहवें ज्योतिर्लिंग (प्रकाश की लिंग) के रूप में मानता है। 

यह तीर्थ स्थल एलोरा की विश्व धरोहर स्थल – एलोरा की गुफाओं से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर एलोरा (जिसे वेरुल भी कहा जाता है) में स्थित है।

हिंदू धर्म ग्रंथों में इस मंदिर को कुंकुमेश्वर के नाम से भी जाना जाता है।

धर्म शास्त्रों के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद ही १२ ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा पूर्ण मानी जाती है।

दर्शन समय : 5:30 Am – 12 Pm, 1 Pm – 8 Pm & 9 Pm – 9:30 Pm

12 Jyotirling List – तो दोस्तों अगर आप को यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो एक लाइक और इस वेबसाइट को  बेल्ल आइकॉन दबाके जरूर से सब्स्क्राइब कर दीजियेगा। 

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dharmesh

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