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Adi Kadi Vav Junagadh – अगर आप जूनागढ़ घूमने आए हो और आप हिस्टोरिकल जगहें देखने के सौखीन हो तो उपरकोट किले में आयी हुई अड़ी-कड़ी वाव को देखना न भूलें। 

वैसे तो आप इस जगह के बारे में थोड़ा बहोत जानते ही होंगे लेकिन आज हम इस आर्टिकल में इस कदमकुवें के बारे में थोड़ा और विस्तार से जानते है।

तो आइये फ्रेंड्स शुरू करते है।

Adi kadi vav junagadh

उपरकोट किले में दो स्टेपवेल( वाव ) प्रकारकी संरचना बनी हुवी है।

  1. नवघण कुवो 
  2. अड़ी-कड़ी वाव 

जिसमे से नवघण कुवे के बारे में मैंने एक आर्टिकल विस्तार से लिखा हुवा है जिसे आप निचे दी गयी लिंक पर जाके विस्तार से पढ़ सकते है। 

Navghan Kuvo..

आज हम उपरकोट किले में आयी हुवी स्टेपवेल यानी की वाव सरंचना वाली दूसरी हिस्टोरिकल जगह अड़ी-कड़ी वाव के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Adi Kadi Vav Information - अड़ी कड़ी वाव माहिती..

Adi kadi vav junagadh

भारत के पश्चिम दिशा में आए हुवे राज्य गुजरात के जूनागढ़ शहर में आए हुवे उपरकोट किले के अंदर बनी हुवी यह अड़ी-कड़ी वाव एक स्टेपवेल प्रकार की संरचना है। 

स्टेपवेल के बारे में ज्यादा जानकारी मैंने नवघण कुवे के आर्टिकल में विस्तार से दी है अगर आप चाहो तो नवघण कुवें की लिंक मैंने ऊपर दी हुवी है। आप उसे वहां से पढ़ सकते है।

यह किले की दीवारों के अंदर बसे शहर के लोगों को पानी की पूर्ति का मुख्य स्त्रोत हुवा करता था।

पुरातत्वविदों को ऐसे स्टेपवेल प्रकार की रचना मुख्य तौर से भारतीय उपमहाद्वीप के उन क्षेत्रों में ज्यादा मिली जहाँ पर सिंधु घाटी की सभ्यता की उन्नति हुवी थी।

Adi Kadi Vav Archiology - अड़ी कड़ी वाव बनावट..

Adi kadi vav junagadh

यह 9 परतों वाला एक गहरा कुवां है।

इस विशाल कुवें की तलहटी तक पहुँचने के लिए करीब 162 सीढ़ियों का निर्माण किया गया था। यह वाव करीब 41 मीटर गहरी, 81 मीटर लंबी और 4.75 मीटर चौड़ी है जिसे एक ही चट्टान को काट के बनाया गया था।

इस वाव में आपको कोई भी नक्काशी,मंडप या किसी भी प्रकार के मीनार देखने को नहीं मिलेंगे। लेकिन वाव के ऊपर से निचे जाते समय की कटी हुवी चट्टानें बहोत ही मनमोहक दिखाई देती है।

Adi kadi vav junagadh

वैसे तो यह वाव गुजरात में आयी दूसरी वाव जैसे की अडालज वाव, पाटण की रानी की वाव जितनी तो भव्य नहीं है लेकिन फिरभी जूनागढ़ में यह एक देखने लायक अच्छी जगहों में से एक है।

अगर आप चाहें तो गुजरात राज्य में आये हुवे सारे सरंक्षित स्मारकों के बारे में निचे दी गयी लिंक पर जाके ज्यादा जान सकते हो।

Know More : List of State Protected Monuments in Gujarat

Adi Kadi Vav Junagadh History - अड़ी कड़ी वाव इतिहास..

इस अड़ी-कड़ी वाव के इतिहास के बारे में बात करें तो यह कब बनाई गई थी इसका कहीं पर लिखित पुरवा नहीं मिला है लेकिन जब मै हाल ही में यहाँ पर घूमने गया था तब यहाँ के लोकल गाइड से जानने को मिला की यह अड़ी-कड़ी वाव का निर्माण 10 वीं सदी के आस पास में किया गया था। 

उस समय पर यहाँ पर चुडासमा राजवंश का शाशन हुवा करता था। इस वाव के पास में ही आए हुवे नवघण कुवें का भी पुनः निर्माण इसी राजवंश के शाशकों ने ही करवाया था। 

नवघण कुवें के आर्टिकल में मैंने इस राजवंश का पूरा शाशन काल बताया है जिसमे यह चुडासमा राजवंश के पहले राजा से आखरी राजा के शाशन काल को बताया है। 

आप चाहें तो उसे मेरे आर्टिकल रा’नवघण कुवे में पढ़ सकते हो। जिसकी लिंक मैंने ऊपर दे रखी है।

ऐसा माना जाता है की यह भारत की सबसे शुरूआती कदमकुवें ( स्टेपवेल ) में से एक है लेकिन कोई भी स्त्रोत ऐसा नहीं मिला है की वास्तव में इस स्टेपवेल का निर्माण कब हुवा वो बता सकें।

Story behind name of Adi Kadi - अड़ी कड़ी नाम कैसे रखा गया ?

इसके नाम अड़ी-कड़ी की भी दो अलग अलग लोक वयका है यहाँ पर।

लोक वायका पहली : 

एक लोक वयका ऐसी है की इसका निर्माण करवाने के लिए राजा ने कुवां खोदने का आदेश दिया तब गहराई तक खुदाई करने के बावजूद कुवें में पानी नहीं आया तब उस समय के शाही पुजारी ने राजा को बताया की कुवें में पानी लाने के लिए दो अविवाहित लड़कियों की बली देनी पड़ेगी।

अब गाँव में रहेनी वाली दो लड़कियां अड़ी और कड़ी को इस बली के लिए चुना गया। पुजारी की भविष्य वाणी के अनुसार जब यह दो लड़कियों की बली दी गयी तब कुवें में पानी आया और इस लिए ही इस वाव का नाम अड़ी-कड़ी वाव रखा गया जो उस समय गाँव के लिए पानी के मुख्य स्त्रोत में से एक थी।

लोक वायका दूसरी :

दूसरी लोक वयका के मुताबिक अड़ी-कड़ी दो शाही महिला सेवक थी जो हररोज नियमित रूप से राजा के लिए इस कुवें से पानी लाया करती थी। बस यही कारन था की राजा ने इस वाव का नाम अड़ी-कड़ी रख दिया।

अब कौन सी लोक वयका सच्ची है उसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है।

Adi Kadi Vav Entry Fees - अड़ी कड़ी वाव एंट्री फीस ?

Free – यहाँ पर इस स्टेपवेल को देखने या फोटोग्राफी करने के लिए आपको किसी भी प्रकार की फीस देने की जरुरत नहीं है। ये जगह देखने के लिए बिलकुल फ्री है।

Adi Kadi Vav Timings - अड़ी कड़ी वाव टाइमिंग्स ?

7:00 Am – 6:00 Pm

Approx time required for visit - घूमने के लिए कितना समय चाहिए ?

यह कुवें की तलहटी तक पहुँचने के लिए आपको करीब 160 सीढियाँ उतरनी और चढ़नी पड़ेगी इस लिए करीब 30 मिनट्स से 1 घंटे का समय जरुरी होगा इस जगह को देखने और फोटोग्राफी करने के लिए।

Best time to visit adi kadi vav Junagadh- अड़ी-कड़ी वाव घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है ?

वैसे तो किसी भी स्टेपवेल में अंदर का तापमान बहार के तापमान से कम ही होता है लेकिन आस पास की जगहों को भी अच्छे से देखने के लिए आप को ऐसा समय चुनना जरुरी है जब बहार का तापमान घूमने योग्य हो और वह समय सर्दियों का होता है। गर्मियां ज्यादा गरम और बरसात में ज्यादा कीचड़ हो जाता है और सीढियाँ भी फिसलन भरी हो जाती है।

इस लिए सर्दियों का समय यानी अक्टूबर से लेकर मार्च का समय ज्यादा अच्छा रहेगा यहाँ पर घूमने आने के लिए।

How to reach Adi Kadi Vav Junagadh- जूनागढ़ अड़ी-कड़ी वाव कैसे पहुंचे?

By Road :

जूनागढ़ रोड द्वारा गुजरात के दूसरे बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुवा है। जिनमे से कुछ प्रमुख शहरों से दूरी इस प्रकार है

  • अहमदाबाद – करीब 330 किमी
  • राजकोट – करीब 100  किमी
  • पोरबंदर – करीब 115 किमी

By Air :

जूनागढ़ का खुद का कोई हवाई अड्डा नहीं है। यहाँ से नजदीकी हवाईअड्डा राजकोट है जो यहाँ से करीब 102 किमी की दूरी पर आया हुवा है। जो देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुवा है।

जहाँ से आप को राज्य सरकार परिवहन की बसें, प्राइवेट वॉल्वो बसें, रेल्वे, टेक्सी या कैब की मदद से आसानी से जूनागढ़ पहुँच सकते है। यह नवघण कुवां जूनागढ़ से करीब 2 किमी की दूरीपर ही आया हुवा है।

By Rail :

जूनागढ़ का खुद का रेल्वे स्टेशन है जो राज्य एवं देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुवा है। जूनागढ़ भारतीय रेल्वे के पश्चिमी रेल्वे नेटवर्क पर स्थित है। कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें हैं जो रोज़ाना संचालित होती हैं और राजकोट से जूनागढ़ की यात्रा के लिए एकदम सही हैं।

जूनागढ़ रेल्वे स्टेशन से आप लोकल व्हीकल द्वारा यहाँ तक आसानी से पहुँच सकते हो।

Where to stay in Junagadh-जूनागढ़ में कहाँ पर रुकें ?

जूनागढ़ में रहने के दो विकल्प है।

  1. आश्रम या धर्मशाला..
  2. प्राइवेट होटल्स.. 

आश्रम या धर्मशाला :

जूनागढ़ में कई जैन देरासर,हिंदू मंदिर,मुस्लिम मकबरा,बौद्ध गुफाएं आए हुवे है जिनकी वजह से जूनागढ़ सभी धर्म के लोगों के लिए एक पवित्र यात्रा धाम है। 

इस लिए यहाँ पर बहोत सारे आश्रम और धर्मशालाएं आयी हुवी है जहाँ पर आप को आसानी से सस्ते दामों में रूम मिल जायेंगे। लेकिन जूनागढ़ में मुख्य मनाये जाने वाले तहेवारों में भगवान शंकर के भवनाथ का महाशिवरात्रि का मेला और देव दिवाली जो कार्तिक पूर्णिमा में होती है तब साल में सिर्फ एक बार ही होने वाली 5 दिनों की लिली परिक्रमा जो पुरे गिरनार की होती है उस समय यहाँ पर भक्तों का काफी जमावड़ा होता है। 

इस लिए यह समय में अगर आप को यहाँ पर घूमने आना है तो आप को करीब २० से २५ दिन पहले ही रूम बुक करवाने होंगे वार्ना यहाँ पर रूम मिलना बहोत ही मुश्किल होगा।

प्राइवेट होटल्स :

अगर आप आश्रम या कोई धर्मशाला में रुकना नहीं चाहते तो यहाँ पर कई सारी प्राइवेट होटल्स भी आयी हुवी है जहाँ पर आप रूम  ऑनलाइन भी बुक कर सकते हो। होटल्स ढूंढने के लिए में कुछ लिंक दे रहा हूँ जहाँ से आप अपनी जरूरियात के मुताबिक होटल्स ढूंढ सकते हो।

Places to Visit Near Adi Kadi Vav Junagadh- अड़ी-कड़ी वाव के पास घूमने की जगहें..

अड़ी कड़ी वव के पास में कई और पौराणिक और आध्यात्मिक जगहें आयी हुवी है जिसे आप साथ साथ में घूम सकते है।

  • अशोक शिलालेख
  • उपरकोट किला-नवघण कुवां- बुद्धिस्ट गुफा
  • नरसिंह महेता का चोरा
  • दामोदर कुंड
  • गायत्री शक्तिपीठ
  • दातार पहाड़ी
  • गिरनार पहाड़ी
  • स्वामीनारायण मंदिर
  • सककरबाग चिड़ियाघर 
  • दरबार संग्रहालय
  • महाबत मकबरा

Adi Kadi Vav Junagadh Review - रिव्यू

Adi kadi vav junagadh

किसी भी जगह के आम तौर पर दो पहलु होते है अच्छे और बुरें। उसी तरह इस जगह के भी दो पहलु है जिसे यहाँ पर घूमने आए प्रवासियों के रिव्युस के ऊपर से हम जान सकेंगे। 

में यहाँ पर घूमने आए प्रवासियों के दिए गए कुछ ऑन लाइन रिव्युस को शेयर कर रहा हूँ जिससे आप इस जगह को और अच्छी तरह से जान सकें। 

Good Reviews :

  1. आमतौर पर स्टेपवेल को मूर्तियों और नक्काशीदार खंभो से सजाया जाता है लेकिन यह प्रकृति की दिवार है इस लिए यह सुंदर और दिलचस्प है। यदि आप को हिस्टोरिकल जगहें देखने के सौखीन है तो निश्चित रूप से आपको यहाँ जाना चाहिए।
  2. यह जगह किसी भी अन्य वाव से बनावट के तौर पे अलग है और यात्रा करने के लिए अच्छी जगह है।
  3. आप इस जगह पर जा सकते हैं। प्राचीन धरोहर है। सीढियाँ उतरनी पड़ेगी इस लिए यह सुनिश्चित करें कि आप आरामदायक जूते पहनें। छोटे बच्चों के साथ बुजुर्गों और परिवार के लिए भी ध्यान रखना आवश्यक रहेगा।
  4. अगर हम इस जगह की कुदरती सुंदरता बनाये रखें तो यह जगह बहोत ही सुंदर है।
Disappointing Reviews : 

  1. हम यहाँ सुबह सुबह ही पहुँच गए थे जब उपरकोट किला खुला ही था। भीड़ के बिना या जगह मंत्रमुग्ध कर रही थी। दुःख की बात यह थी की यहाँ पर कूड़े की सफाई अच्छी तरह से नहीं हो रही। आशा है की यहाँ के नागरिक अपनी विरासत की रक्षा करने की आवश्यकता को महसूस करें।
  2. रानी की वाव, अडालज की वाव और आभानेरी वाव का दौरा करने के बाद मुझे यह जगह काफी असामन्य लगी। क्यूंकि यह वाव उतनी गहरी नहीं है और किसी भी प्रकार की नक्काशी नहीं की गयी है। एक चट्टान को काट कर सिर्फ पानी के ही उदेश्य से बनाया गया हो ऐसा प्रतीत हुवा। मन को विचलित मुझे यहाँ के पानी की साफ़ सफाई ने किया जिस पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया है। पानी प्लास्टिक की बोतलों से भरा है जिसे वैसे ही रख छोड़ा है।
  3. इतना अच्छा होने के बावजूद आज यह स्थान गन्दगी से भरा हुआ है। न तो सरकार और न ही हमारे जैसे पर्यटक अपनी संस्कृति और विरासत को स्वच्छ रखने के लिए मेहनत कर रहे हैं। जो मेरे जैसे पर्यटकों के लिए दुःख का अनुभव देता है।

Conclusion - निष्कर्ष..

अगर आप हिस्टोरिकल जगहे देखने के सौखीन है तो यह जगह की ख़राब चीजें आप के लिए कोई मायने नहीं रखेगी आप फिरभी इस जगह को बहोत ही अच्छी तरह से एन्जॉय कर सकोगे।

लेकिन आप सिर्फ एक पर्यटक है और सिर्फ साफ़ सुथरी जगहें घूमने की इच्छा आये हो तो यहाँ की यह बुरी चीजें आप को विचलित कर सकती है।

कहीं भी कुछ दिनों के लिए घूमने जाने से पहले कुछ चीजों का ख्याल रखना जरुरी है जिसके बारे में मैंने एक आर्टिकल लिखा हुवा है अगर आप चाहे तो पढ़ सकते हो।

ज्यादा पढ़ें : घूमने जाने से पहले कौन सी जरुरी तैयारियां करें ?

Request - अनुरोध..

Adi Kadi Vav Junagadh – दोस्तों हमारी हिस्टोरिकल जगहों को सँभालने की जितनी जिम्मेदारी सरकार की है उतनी ही जिम्मेदारी हमारी सब की है।

मेरा आप सब से यह अनुरोध है की किसी भी ऐसी सुंदर जगह को प्लास्टिक या दूसरे किसी भी कचरे से गंदा न करें या किसीको करने दें।

मैंने यह आर्टिकल हाल ही में यहाँ घूमने गया था उसके आधार पर लिखा हुवा है। अगर आप को यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो जरूर से अपने दोस्तों में शेयर करें और मेरी इस वेबसाइट को सब्सक्राइब जरूर से करें जिससे आने वाले मेरे सारे आर्टिकल का नोटिफिकेशन आप को सबसे पहले मिले।

मेरे इस आर्टिकल को अपना अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

3 Comments

AffiliateLabz · February 16, 2020 at 11:32 am

Great content! Super high-quality! Keep it up! 🙂

Top 18 Places to Visit in Junagadh Full Information HIndi 2020-travellgroup · February 25, 2020 at 10:56 pm

[…] रसप्रद जानकारी  : अड़ी-कड़ी वाव […]

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