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चोटिला मंदिर – अगर आप चामुंडा माता के दर्शन के लिए चोटिला मंदिर आने की सोच रहे है तो यह आर्टिकल आप की यात्रा को काफी हद तक आसान कर देगा। तो आइये फ्रेंड्स आज हम चामुंडा माता के इस धार्मिक स्थान को थोड़ा विस्तार से जानते है।

चोटिला मंदिर एक हिंदू धर्म का मंदिर है जो सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला तालुका में चोटिला हील के नाम से पहचाने वाले डूंगर पर आया हुवा माता चामुंडा का बहोत ही पुराना मंदिर है जिसका इस क्षेत्र में बहोत ही ज्यादा महत्व है।

इस मंदिर में देश और विदेश से हजारों श्रधालुओं माता के दर्शन के लिए हररोज आते है और माता के आशीर्वाद पाते है।

शहर का प्रशासन नगरपालिका द्वारा किया जाता है।

Chotila Mandir

Chamunda mata

Chamunda

Image Credit : Wikipedia

चामुंडा माता शक्ति स्वरूप माँ दुर्गा का ही स्वरुप है। जो रणचंडी, चर्चिका और चंडी चामुंडा के नाम से भी जाना जाता है।

64 योगिनिओ (जोगणी) : जो पार्वती के एक पहलु के रूप में है और भारत के मंदिरों में चौसठ योगिनियों के रूप में पूजनीय के रूप में पवित्र महिला बल है।

81 तांत्रिक देवियों : यह समूह को योद्धा देवी दुर्गा के ही स्वरुप है जो तंत्र मंत्र की देवियों का समूह है जो बुरी शक्तियों से आम जनता को छुटकारा दिलाती है।

Mandir tak kaise pahunche?

Chotila mandir 1

सामान्य तौर पर देखा जाये तो पुरे देश में माता के मंदिर यानि की मठ किसी न किसी डूंगर की चोटी पर ही बने हुवे है। इसी लिए लोगों में ऐसी मान्यता भी है की माता के दर्शन कस्ट उठाये बिना नहीं होंगे। 

फिरभी आज कई जगहों पर चढाई को आसान करने के लिए रोपवे की सुविधाएं कर दी गई है। लेकिन चोटिला पर कोई भी रोपवे की सुविधा नहीं है इस लिए माता के दर्शन के लिए आप को सीढियाँ चढ़ कर ही जाना होगा।

माता के इस मंदिर तक भी आप करीब 635  सीढिया चढ़ कर पहुँच सकते है। सीढ़ियों के चढाई बाकि बड़े मंदिरों से बहोत ही काम है लेकिन  खड़ी चढाई होने की वजह से आप को आराम से ही चढाई करनी होगी।

चढ़ाई के लिए पहले कच्ची सीढियाँ थी लेकिन थोड़े सालों पहले ही इसे पूरी तरह से पक्की सीढ़ियों में तब्दील कर दिया गया है। और सभी सीढ़ियों को ऊपर से अच्छी तरह से ढका गया है जिससे दर्शनार्थियों को धुप और बारिश से रक्षण मिले और चढ़ाई आराम से कर पाए।

चढ़ाई के वक्त थोड़े थोड़े अंतर पर पिने के पानी की और छत पर गर्मी से बचने के लिए फैन की भी अच्छी व्यस्था की गई है।

कुल मिला कर यहाँ पर माता के मंदिर तक पहुँचने के लिए दर्शनार्थियों के लिए बहोत ही अच्छी व्यस्था की गई है।

लेकिन एक बार आप पर्वत की चोटी पर पहुँच गए तब आप को एक अलग ही शांति का अनुभव होगा साथ में आप पर्वत के आस पास के सुन्दर दृश्य का आनंद उठा सकते है।

Chotila Mandir

Chotila Mandir History

Chotilamandir 2

प्राचीन काल में यह जगह छोटगढ़ के नाम से जानी जाती थी।

ऐसी लोक वायका यहाँ पर है की हजारो साल पहले यहाँ पर चण्ड-मुंड नाम के दो राक्षस यहाँ पर रहते थे और यहाँ पर रहने वाले आम लोगो को बहुत परेशां करते थे।

हद से बढ़ जाने के बाद यहाँ पर रहने वाले लोगो और ऋषिमुनिओं ने आद्य शक्ति की आराधना की तब माता प्रसन्न हुवे और उन दो राक्षसों का वध किया। इस लिए चण्ड और मुंड से लोगों को बचाने की वजह से लोगो ने माता चामुंडा के नाम से उसी पर्वत पर माता की स्थापना कि जहाँ पर माता ने उस दोनों राक्षसों का वध किया था।

चामुंडा माता का वाहन शेर है और आज भी ऐसी मान्यता है की रात के समय वह शेर यहाँ पर आता है जिसकी वजह से शाम की आरती के बाद लोगों की मंदिर के पास जाने की मनाई है। शाम की आरती के बाद पुजारी भी निचे आ जाता है। रात को माता की मूर्ति के आलावा इस डूंगर पर कोई भी इंसान नहीं रहता। 

चोटिला मंदिर की मूर्ति स्वयंभू है। माता एक बार अपने भक्त के सपने में आईं। उसने उसे एक निश्चित स्थान खोदने और उसकी मूर्ति का अनावरण करने का आदेश दिया। उन्होंने ऐसा ही किया और चामुंडा माँ की मूर्ति को पाया। उसी स्थान पर मंदिर बनाया गया था। आज, मंदिर भी एक ही स्थान पर है फिर भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कालीन के साथ विस्तारित हॉल और चरणों के साथ कई बदलाव हैं।

Chotila aarti timings

दर्शन समय :

  • प्रतिदिन सुबह  6 am – शाम 7:30 बजे तक 

आरती समय :

  • सोमवार से शनिवार – सुबह 6 बजे – शाम 6 बजे 
  • रविवार – सुबह 5:30 बजे – शाम 6 बजे 

हर पूर्णिमा को आरती समय :

  • सुबह 4 बजे – शाम 6 बजे 

Chotila Entry Fee & Parking

चोटिला में दर्शन करने के लिए कोई भी प्रकार की एंट्री फी नहीं है दर्शन बिलकुल फ्री है। 

मंदिर में फोटोग्राफी की मनाई है। सामान रखने के लिए क्लॉकरूम की अच्छी व्यस्था है।

साथ में यहाँ पर वाहन पार्किंग की भी अच्छी व्यस्था है जो बिलकुल फ्री है।

Best time to visit & time required for Darshan

चोटिला मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय & दर्शन के लिए जरुरी समय

चोटिला मंदिर जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से लेकर मार्च तक का है क्यूंकि गर्मियों में चढ़ाई थोड़ी मुश्किल हो सकती है। 

पहाड़ी की तलेटी से ऊपर जाके दर्शन करके वापिस निचे आने के लिए करीब 2-3 घंटे का समय आवश्यक है।

Chotila Mandir

Main Festivals- मनाये जाने वाले मुख्य त्यौहार

  • नवरात्री – अक्टूबर 
  • चैत्री नवरात्री – अप्रैल 

Where to eat?- कहाँ पर खाये ?

Bhojnalay- chotila mandir

मंदिर ट्रस्ट द्वारा यात्रिको के लिए हररोज फ्री में खाने की व्यस्था की जाती है जो दोपहर 11 से 2 के बिच में मिलता है। 

अगर आप प्राइवेट रेस्टॉरंट में खाना चाहते हो तो मंदिर परिसर के बहार कई सारे रेस्टॉरंट आये हुवे है जहाँ पर आप को हर तरह का अच्छा खाना मिल जायेगा।

How to reach Chotila? - चोटिला कैसे पहुंचे ?

By Air : 

नजदीकी हवाई अड्डा राजकोट है जो यहाँ से करीब ५० किमी की दूरी पर आया हुवा है। राजकोट एयरपोर्ट से आप को कई सरकारी और प्राइवेट बसें और टेक्सी मिल जाएगी। जो आप को सीधा ही चोटिला मंदिर पहुंचाएगी।

By Train : 

नजदीकी रेल्वे स्टेशन भी राजकोट ही है जो यहाँ से करीब 48 किमी की दूरी पर आया हुवा है। राजकोट एयरपोर्ट से आप को कई सरकारी और प्राइवेट बसें और टेक्सी मिल जाएगी। जो आप को सीधा ही चोटिला मंदिर पहुंचाएगी।

By Road :

चोटिला का खुद का बस स्टेशन है जो राज्य के बाकि प्रमुख शहरों से बड़ी अच्छी तरह जुड़ा हुवा है। आप बस द्वारा बड़ी आसानी से चोटिला पहुँच सकते है। 

Where to stay in Chotila? - चोटिला में कहाँ पर रुकें?

चोटिला एक धार्मिक स्थल होने के कारण यहाँ पर कई धर्मशाला और प्राइवेट होटल्स आई हुवी है जहाँ पर आप अपनी जरूरियात के मुताबिक आसानी से होटल पर रूम देख कर बुक कर सकते है। 

अगर आप प्राइवेट होटल्स में रुकना चाहते हो तो में यहाँ पर कुछ होटल्स की सर्चिंग के लिए लिंक दे रहा हूँ जहाँ से आप अपनी जरूरियात के मुताबिक रूम ढूंढ़ सकते हो।

Chotila Mandir

Reviews

यहाँ पर घूमने आये कुछ यात्रियों के रिव्यूज़ में दे रहा हूँ जिससे आप को इस जगह के बारे में और भी ज्यादा अंदाजा मिल सकें।

  • यह बहुत अच्छी जगह है जहाँ मुझे वहाँ जाना अच्छा लगा। हमें अच्छा खाना अच्छा होटल और गेस्ट हाउस जैसी सभी सुविधाएं मिलीं।
  • जगह के पास सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई। इस जगह में शांति का अनुभव हुवा। यह जगह अंदाजे से काफी साफ़ है। भोजनालय में प्रसाद काफी अच्छा था।
  • सिर्फ भगवान की पूजा के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक शांति के लिए भी। मैं अपनी मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए कम भीड़ वाले विषम दिनों में इस जगह की यात्रा करना पसंद करता हूं। इस जगह में एक सकारात्मक खिंचाव है और मेरे दिमाग को पोषण देता है। यदि आप मानसिक शांति की तलाश कर रहे हैं तो रविवार को छोड़कर किसी भी दिन यात्रा करें (बहुत अधिक भीड़ के कारण)।
  • शीर्ष पर पहुंचने से थकावट हो सकती है, लेकिन एक बार जब आप वहां पहुंच जाते हैं तो शायद आप छोड़ना नहीं चाहते। ऊपर से देखने का दृश्य अद्भुत है और गुजरात के सबसे पवित्र स्थान में से एक है।
  • बहुत आसान दृष्टिकोण, अच्छी पार्किंग जगह, पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के लिए आरामदायक। बहुत आसानी से कोई भी देवी की मूर्ति देख सकता है।

Conclusion - निष्कर्ष

Chotila Mandir- दोस्तों मैने यह आर्टिकल खुद के अनुभव से लिखा हुवा है जिसका मुख्य उदेश्य आप को इस जगह के बारे में अच्छी जानकारी देना है जिससे अगर आप यहाँ घूमने आओ तो आप कम से कम परेशानी में ज्यादा आनंद ले सकें। 

किसी भी जगह घूमने जाने से पहले कौनसी तैयारी करनी चाहिए उसके बारे में मैंने विस्तार से एक आर्टिकल लिखा हुवा है आप चाहे तो उसे पढ़ सकते हो।

link : 15 Preparation tips before travelling in hindi

आप का अमूल्य समय इस आर्टिकल को देने के लिए धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

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