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Modhera Sun Temple – सन टेम्पल मोढेरा भारत के तीन प्राचीन सूर्य मंदिर में से एक है। यह सूर्य मंदिर भारत की प्राचीन शिल्प कला का उत्तम उदाहरण है।

आइये फ्रेंड्स इस आर्टिकल में हम मोढेरा के इसी सन टेम्पल के बारे में विस्तार से जानते है।

Modhera Sun Temple

Image Credit : Wikimedia (Unmesh Dinda)

मोढेरा सन टेम्पल भारत के तीन प्राचीन सूर्य मंदिर में से एक है। 

जिसमे पहेला उड़ीसा में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर, दूसरा जम्मू में स्थित मार्तंड सूर्य मंदिर है और तीसरा मंदिर मोढेरा में आया हुवा यह सूर्य मंदिर है।

सूर्य देव को समर्पित यह सन टेम्पल भारत के पश्चिम दिशा में आए हुवे राज्य गुजरात के महेसाणा जिले में आए हुवे गाँव मोढेरा में आया हुवा है।

मोढेरा का सन टेम्पल अपने नाम के मुताबिक सूर्य देव को समर्पित है। यह मंदिर पुस्पावती नदी के तट पर बना हुवा है। 

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेस्ता यह है की इस मंदिर में कही भी चुना का इस्तेमॉल नहीं किया गया था जो उस समय किसी भी बांधकाम में दो पत्थरों को जोड़ने में एक मुख्य घटक के तौर पे इस्तेमाल किया जाता था। 

इस के साथ मंदिर का निर्माण कुछ इस तरह किया गया है की भूकंप आने पर भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचे।

इस मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक घोसित किया गया है।

Modhera Sun Temple Information - मोढेरा सन टेम्पल माहिती

Image Credit : Wikipedia

मोढेरा का यह सन टेम्पल गुजरात में मंदिर शिल्प कला का एक उत्कृस्ट उदाहरण है।

यह मंदिर पाटण शहर से महज 30 किमी की दूरी पर रूपेण नदी की सहायक नदी पुष्पावती के बाएं तट पर महेसाणा जिले के बेचराजी तालुका के मोढेरा गांव में बना हुवा है।

सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है यह सर्वमान्य सत्य है।

वैदिक जगत में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ता धर्ता मानते थे। सूर्य का शाब्दिक अर्थ है सर्व प्रेरक, ये सर्व प्रकासक, सर्व प्रवर्तक होने के कारन सर्व कल्याण कारी है।

वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। ऋग्वेद के देवताओं में सूर्य का महत्वपूर्ण स्थान है।

यजुर्वेद में भी सूर्य को भगवान् का नेत्र माना गया है। प्रसिद्ध गायत्री मंत्र भी सूर्य प्रेरक है।

सूर्योपनिषद में सूर्य को ही सम्पूर्ण जगत का पालनहार कहा गया है।

इस स्थल का उल्लेख स्कंद पुराण में भी भास्कर क्षेत्र के नाम से हुवा है। इस प्राचीन मंदिर का महत्त्व ब्रह्म पुराण में भी बताया गया है।

यह मंदिर भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

Modhera Sun Temple History - मोढेरा सूर्य मंदिर इतिहास

Image Credit : Wikimedia (Vijay B. Barot)

मोढेरा के इस सन टेम्पल का निर्माण चालुक्य वंश के शाशक भीम प्रथम के शाशनकाल के दौरान करीब ईस्वी 1026-1027 में किया गया था।

कहा जाता है की सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम सूर्यवंशी थे और वो भगवान सूर्यदेव को कुलदेवता की तरह पूजते थे। इस लिए उन्होंने अपने कुलदेवता सूर्यदेव की पूजा और अर्चना के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया था।

मंदिर परिसर की पश्चिमी दिवार में एक ब्लॉक पर देवनागरी लिपि में एक शिलालेख बना हुवा है जिसमे इस मंदिर का निर्माण समय विक्रम संवत 1083 यानी की ईस्वी 1026 बताया गया है।

इस मंदिर में अब कोई पूजा विधि नहीं हो रही। यह अब सिर्फ एक पुरातत्वीय साईट है।

मोढेरा सन टेम्पल उत्तर के चंदेल मंदिर और दक्षिण के चौल मंदिर का समकालीन वास्तुशिल्प है। 

हालां की आज इस मंदिर में पूजा करने की इजाजत नहीं है। महमूद गजनी ने इस मंदिर में काफी तोड़ फोड़ की थी जिसके कारण मंदिर में सूर्यदेव की मूर्ति और मंदिर की शिल्प कला को भारी नुकशान पहुँचाया था।

अब इस प्राचीन मंदिर की देखरेख भारतीय पुरातत्व द्वारा की जाती है।

Chaulukya dynasty - चालुक्य वंश

सोलंकी वंश के राजाओं ने गुजरात में सन 950 से सन 1244 के दौरान शाशन किया था। जो गुजरात के चालुक्य या सोलंकी राजपूत के नाम से जाने जाते थे।

में यहाँ पर सिर्फ आप की थोड़ी जानकारी बढ़ाने के लिए सोलंकी वंश के शाशकों और उनके शाशन काल के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दे रहा हूँ।

  • मूलाराजा – सन 940 – 995
  • चामुंडाराजा – 996 – 1008
  • वल्लभराज – सन 1008
  • दुर्बलराज – 1008 – 1022
  • भीम I – 1022 – 1063
  • कर्ण – 1063 – 1092
  • जयसिम्हा सिद्धराज – 1092 – 1142
  • कुमारपाल – 1142 – 1171
  • अजयपाल – 1171 – 1175
  • मूलाराजा II – 1175 – 1178
  • भीम II – 1178 – 1240
  • त्रिभुवनपाल – 1240 – 1244

Modhera Sun Temple Architecture - मोढेरा सूर्य मंदिर बनावट

Plan_Modhera_Sun_Temple

Image Credit : Wikimedia (A K Forbes)

Image Credit : Wikimedia (Musafir kanya)

मोढेरा का सन टेम्पल कर्क रेखा पर स्थित है। पूर्व की और उन्मुख और उत्कृस्ट भूमि पर बना हुवा यह मंदिर सोलंकी वंश के शाशक भीमदेव प्रथम ने अपने शाशनकाल (ईस्वी 1022-1063) में बनवाया था।

सूर्य के उपासक राजा भीमदेव प्रथम ने इस मंदिर का निर्माण तीन हिस्सों में करवाया था।

जिसमे पहेला हिस्सा गर्भगृह, दूसरा हिस्सा सभा मंडप और तीसरा हिस्सा सूर्यकुंड का है। 

इस मंदिर का परिसर चालुक्य शैली (मारु गुर्जर वास्तुकला या सोलंकी शैली) में बनाया गया है।

चालुक्य शैली : मारु गुर्जर वास्तुकला या सोलंकी शैली उत्तर भारत वास्तुकला की एक शैली है जो गुजरात और राजस्थान में 11 वीं से 13 वीं शताब्दी में चालुक्य वंश ( सोलंकी वंश ) के तहत विकसित हुई थी।

Garbhgruh - गर्भगृह

मंदिर के प्रदक्षिणापथ युक्त गर्भ गृह को गूढ़मंडप  भी कहा जाता है। मंदिर के गर्भगृह की लंबाई करीब 51 फुट 9 इंच है जबकि इसकी चौड़ाई 25 फुट 8 इंच है।

इस मंदिर की विशेस्ता यह है की सूर्य का पहला किरण गर्भगृह में पड़ता था जिससे पूरा गर्भगृह प्रकाशित हो जाता था जो आज भी पड़ता है 

माना जाता है की ऐसा संयोग वर्ष में केवल 2 बार होता है।

पहला 21 मार्च जब पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरा कर लेती है।

दूसरा जब सूर्य सूर्य मंदिर के ठीक सामने उदय होता है। पुराने ज़माने में जब सूर्य की मूर्ति थी उस जगह पर किरण पड़ती है।

फर्क सिर्फ उतना है की पहले गर्भ गृह में सूर्यदेव की प्रतिमा स्थापित थी जिसे महमूद गजनी ने आक्रमण करके इस मूर्ति और मंदिर को खंडित कर दिया था। उसके बाद यहाँ पर पूजा बंद हो गयी।

यह गर्भ गृह कमल आकर के आधार पर बना है जिसमे मानव जीवन के जन्म और मरण पर आधारित शिल्प बने हुवे है।

Sabhamandap - सभामंडप

Sabha mandap Image Credit : Wikimedia (Musafir kanya)

इस मंदिर में तोरणद्वार युक्त सभामंडप या नृत्यमंडप बना हुवा है।

सभा मंडप में कुल 52 स्तंभ बने हुवे है। इन सारे स्तंभों पर देव देवी, रामायण महाभारत के पात्रों और उसके ऊपर आधारित शिल्प बने हुवे है।

निचे से अष्टकोणीय दिखने वाले स्तंभ ऊपर से गोलाकार है। इन खम्भों में रामायण और महाभारत के प्रंसंगो को बेहद ही सुंदर तरीकें से दर्शाया गया है।

पास में बहे रही पुस्पावती नदी इस मंदिर के परिदृश्य को बहोत ही सुंदर बना देती है।

Sabha Mandap Stambh Image Credit : Wikimedia (Aishwarya Dwivedi)

Suryakund - सूर्यकुंड

Modhera Sun Temple - Surykund

Image Credit : Flickr (Bernard Spragg. NZ)

सूर्यकुंड को राम कुंड के नाम से भी जाना जाता है जो मंदिर के बिलकुल सामने आया हुवा है। राम कुंड 176 फ़ीट लम्बा 120 फुट चौड़ा है।

100 चोरस मीटर लंबचोरस आकर में बना यह कुंड पानी का एक संग्रह स्थान था। इस कुंड में उतरने के लिए चारों और सीढियाँ बनी हुवी है।

इस कुंड के चारोँ और करीब 108 छोटे छोटे मंदिर बने हुवे है। यह छोटे मंदिर विभिन्न देवी देवताओं जैसे की गणेशजी, भगवान विष्णु, नटराज, शीतलामाता और अन्य देवों को समर्पित है।

यह स्थान सीता की चौरी और राम कुंड के नाम से भी जाना जाता था यह बात अलेक्जेंडर किनलोच फोर्ब्स साहित्यकार ने अपने पुस्तक रसमाला में उल्लेख किया हुवा है।

Sun Temple Nruty Mahotsav - नृत्य महोत्सव

Modhera Sun Temple - Nruty Mahotsav

Nruty Mahotsav Image Credit : Flickr (Kaushik Patel)

हर साल जनवरी महीने  में तीसरे सप्ताह में उत्तरायण के बाद गुजरात पर्यटन निगम द्वारा उत्तरार्ध महोत्सव का आयोजन होता है। जिसमे देश के ख्यातनाम नृत्य कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन यहाँ पर करते है।

जिसे मोढेरा नृत्य महोत्सव के नाम से जाना जाता है। उस समय रौशनी से पुरे मंदिर को सजाया जाता है।

Other attraction in Sun Temple..

गुजरात सरकार द्वारा संचालित सूर्य मंदिर परिसर में एक उद्यान,माता उमा,माता दुर्गा की भी स्थापना की गई है।

मंदिर में भगवान गौतम बुद्ध जिन्होंने ज्ञान प्राप्ति के लिए वर्षो तप किया था और बौद्ध धर्म की स्थपना की थी तथा महावीर स्वामी जो जैन धर्म के पूजनीय तीर्थंकर है वह भी बिराजमान है।

Modhera Sun Temple Timings - टाइमिंग्स

Morning 6:00 Am – Evening 6:00 Pm

Modhera Sun Temple Ticket - टिकट

भारतीय पर्यटक : 25/-

विदेशी पर्यटक : 300/-

Best time to Visit Modhera Sun Temple - सबसे अच्छा समय यहाँ पर घूमने आने के लिए

सबसे अच्छा समय बारिश और शर्दियों का है यानि की जुलाई से लेकर फरवरी तक का समय अच्छा है यहाँ पर घूमने आने के लिए।

गर्मियों में यहाँ पर घूमने आना ज्यादा तकलीफदेह हो सकता है।

Atmospher - वातावरण

कहीं भी घूमने जाने से पहले आप को उस जगह का और आने वाले कुछ दिनों का वातावरण जान लेना अत्यंत आवश्यक है जिससे आप को किन किन चीजों की जरुरत रहेगी उसकी तयारी कर सको। जिससे आप अपनी यात्रा को ज्यादा सुखद कर सको।

में यहाँ पर आप को इस जगह का लाइव वातावरण जानने के लिए एक लिंक दे रहा हूँ जिससे आप यहाँ का वातावरण जान सकते हो।

How to Reach Modhera Sun Temple? - मोढेरा सन टेम्पल कैसे पहुंचे?

By Air..

नजदीकी हवाई अड्डा अहमदाबाद का सरदार वल्भभाई एयरपोर्ट है जो यहाँ से करीब 95 किमी की दूरी पर है। यहाँ से आप को टैक्सी या कैब मिल जाएगी जो आपको सीधा सन टेम्पल पहुंचा देगी।

By Rail..

अगर आप गुजरात के बहार से आ रहे हो तो सन टेम्पल से सबसे बड़ा नजदीकी रेल्वे स्टेशन अहमदाबाद रेल्वे स्टेशन (अदि) है जो यहाँ से करीब 102 किमी दूर है। जो देश और राज्य के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुवा है। अहमदाबाद रेल्वे स्टेशन से आप महेसाणा रेल्वे स्टेशन तक ट्रैन से पहुँच सकते है।

महेसाणा रेल्वे स्टेशन राज्य के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुवा है। जो सन टेम्पल से करीब 30 किमी की दूरी पर आया हुवा है।

यहाँ से आप को सरकारी बसें, टैक्सी या लोकल व्हीकल का उपयोग करके सीधा सन टेम्पल तक पहुंच सकते हो।

By Road :

मोढेरा में खुद का बस स्टेशन आया हुवा है जो सन टेम्पल से 800 मीटर की दूरी पर आया हुवा है। बस स्टेशन से आप को लोकल व्हीकल मिल जायेगा सूर्य मंदिर तक पहुँचने के लिए।

नजदीकी बड़ा बसस्टेशन महेसाणा है जो राज्य के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुवा है और यहाँ से महज 30 किमी की दूरी पर ही आया हुवा है।

Where to Stay in Modhera - मोढेरा में कहाँ पर रुकें?

यहाँ पर नजदीक में रुकने के लिए कुछ होटल्स आयी हुई है जिसको सर्च करने के लिए में कुछ लिंक दे रहा हूँ आप अपनी जरूरियात के मुताबिक उसे बुक कर सकते हो।

Note : मुझे निचे दी गयी कोई भी होटल्स की लिंक से किसी भी प्रकार की आय नहीं हो रही। यहाँ सिर्फ में उसे आप की अनुकूलता के लिए दे रहा हूँ।

Famouse Place Near Modhera Sun Temple..

अगर आप यहाँ तक आये हो तो महज 30 किमी की दूरी पर पाटण में आयी हुई रानी की वाव को भी जरूर से देख आइये। उसे UNESCO द्वारा विश्व धरोहर की सूचि में नामांकित किया गया है। 

अगर आप उसके बारे में ज्यादा जानना चाहते हो तो में निचे एक लिंक दे रहा हूँ जो मेरा रानी की वाव के बारे में विस्तार से लिखा हुवा आर्टिकल है जिसमें आप को इस जगह की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

एक ही दिन में आप यह दोनों हिस्टोरिकल जगहों को आराम से देख सकते हो।

Read More : रानी की वाव पूरी जानकारी

Official Referance Link..

आप मोढेरा के इस सूर्य मंदिर के बारे में और भी ज्यादा विस्तार से निचे दी गयी लिंक पर जेक पढ़ सकते है।

Conclusion - निष्कर्ष

Modhera Sun Temple – यह आर्टिकल मैंने अपने खुद के अनुभव और मेरे दोस्तों के अनुभव से लिखा हुवा है।

अगर आप मोढेरा सन टेम्पल के बारे में और भी ज्यादा जानकारी रखते हो तो यहाँ पर कमेंट बॉक्स में जरूर से शेयर कीजिये जिससे यहाँ पर घूमने आने वाले यात्रिको को मोढेरा सन टेम्पल के बारे में और भी अच्छी जानकारी मिल सके जो हमारा इस आर्टिकल लिखने का मुख्य उदेश्य भी है।

अगर आप को यह आर्टिकल में दी गयी जानकरी उपयोगी लगी हो तो एक लाइक करना न भूलें और अपने दोस्तों में जरूर से शेयर कीजिये। 

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Note : आर्टिकल में दी गयी टिकट की किंमत समय समय पर बदल सकती है। मैंने यहाँ मौजूदा किंमत दी है जिसे में समय समय पर अपडेट करता रहूँगा। फिरभी आप दी गयी किंमत को लगभग किंमत मान कर चलें।

अपना कीमती समय इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

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