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Monsoon Palace Udaipurमॉनसून पैलेस जिसे सज्जनगढ़ पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इस आर्टिकल में आज हम मॉनसून पैलेस के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Monsoon Palace Udaipur Information

Image Credit : Wikimedia (Yasirarafatbhat)

मॉनसून पैलेस भारत के पश्चिम में आए हुवे राज्य राजस्थान के उदयपुर शहर से करीब 7.7 किमी की दूरी पर आया हुवा एक पहाड़ी किला है।

जो घूमने के लिए उदयपुर की सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

मॉनसून पैलेस का निर्माण 1884 में महाराणा सज्जनसिंह द्वारा करवाया गया था। इस लिए इस महल को सज्जनगढ़ पैलेस के नाम से भी जाना जाता है।

मॉनसून पैलेस के ऊपर से आप उदयपुर में बने हुई ज़िलों, महलों और ग्रामीण इलाकों का सुंदर परिदृश्य देख सकते है।

सज्जनगढ़ पैलेस पर शाम का सूर्यास्त का माहौल बहोत ही सुंदर और शांत बन जाता है। जो प्रवासियों को खूब आकर्षित करता है।

कुछ हिंदी फिल्मों के आलावा सन 1983 में जेम्स बॉन्ड की मूवी ऑक्टोपसी के कुछ सीन का फिल्मांकन इस मॉनसून महल में भी किया गया था।

मेवाड़ राजपरिवार का यह किला अब राजस्थान सरकार के वनविभाग के नियंत्रण में है। 

पहले यह किला प्रवासियों के लिए बंद था लेकिन अब यह किला प्रवासियों के लिए खोल दिया गया है।

Monsoon Palace Udaipur History - मॉनसून पैलेस इतिहास

Monsoon Palace Udaipur 04

Image Credit : Wikimedia (tommy)

यह महल मेवाड़ राज्य के इतिहास के साथ जुड़ा हुवा है। महाराणा सज्जन सिंह (1874-1884) 10 साल की छोटी अवधि के लिए उदयपुर पर शाशन किया था जिस समय में उन्होंने इस कीलें का निर्माण करवाया था।

सज्जन सिंह जब 15 साल के थे तब उनको राजगद्दी सँभालने की जिम्मेदारी आ गई थी। उनके चाचा सोहन सिंह ने अपना अधिकार राजगद्दी पर जताया था लेकिन उस समय के तत्कालीन ब्रिटिश एजेंट सज्जन सिंह के पक्ष में थे और उनके हस्तक्षेप के कारण सज्जनसिंह को ही महाराणा बनाया गया।

महाराणा सज्जनसिंह को एक प्रबुद्ध शाशक और दूर दृस्टि का राजा माना जाता था। उन्होंने अपने राज्य में विकासात्मक गतिविधियों को शुरू कर दिया था। उन गतिविधियों में मुख्य रूप से पानी की आपूर्ति और सड़कें और अदालतें जैसी बुनियादी सुविधाएं थी।

उन्होंने ज़िलों का निर्माण और वनीकरण भी करवाया था। पिचौला झील में सुधार और बांध का निर्माण भी करवाया था। 

उनके साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया था और उसका संरक्षण भी किया था।

महाराणा सज्जन सिंह ने अपनी सबसे महत्वकांक्षी योजना सज्जनगढ़ शुरू करवाई थी। 

लेकिन उसके पुरे होने से पहले ही उनकी अचानक मृत्यु हो गई।

उनके बाद महाराणा फतेहसिंह ने राजगद्दी संभाली और इस मॉनसून महल के साथ साथ बाकि रह गयी योजनाओं को पूर्ण करवाया था।

मॉनसून महल बनवाने का मुख्य उदेश्य क्या था?

इस किले का निर्माण मुख्य रूप से मॉनसून के बादलों को देखने के लिए करवाया गया था। 

इसी लिए इस किले को मॉनसून पैलेस के नाम से भी जाना जाता है।

एक दूसरी मान्यता के अनुसार महराणा ने चित्तौड़गढ़ को देखने केलिए इस महल को इस पहाड़ी पर बनवाया था।

Sisodia Rajput Dynasty at Udaipur

Maharana Sajjan Sinh Image Credit : Wikipedia (San Diego Museum of Art)

महाराणा उदय सिंह द्वितीय – 1568 -1572

महाराणा प्रताप सिंह प्रथम – 1572-1597

महाराणा अमर सिंह प्रथम (मेवाड़ के लिए उपयुक्त संधि के बाद मेवाड़ पर मुग़ल प्रभुत्व स्वीकार किया) – 1597-1620

महाराणा करण सिंह द्वितीय – 1620-1628

महाराणा जगत सिंह प्रथम – 1628-1652

महाराणा राज सिंह प्रथम – 1652-1680

महाराणा जय सिंह – 1680-1698

महाराणा अमर सिंह द्वितीय – 1698-1710

महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय – 1710-1734

महाराणा जगत सिंह द्वितीय – 1734-1751

महाराणा प्रताप सिंह द्वितीय – 1751-1754

महाराणा राज सिंह द्वितीय – 1754-1761

महाराणा अरि सिंह द्वितीय – 1761-1773

महाराणा हमीर सिंह द्वितीय – 1773-1778

महाराणा भीम सिंह – 1778-1828

महाराणा जवान सिंह – 1828-1838

महाराणा सरदार सिंह – 1838-1842

महाराणा स्वरूप सिंह – 1842-1861

महाराणा शंभू सिंह – 1861-1874

महाराणा सज्जन सिंह – 1874-1884

महाराणा फतेह सिंह – 1884-1930

महाराणा भूपाल सिंह – 1930-1956

महाराणा भगवत सिंह – “उदयपुर राज्य के अंतिम शासक” – 1956-1984

महाराणा महेंद्र सिंह – “भारत की स्वतंत्रता के बाद से राजवंश के प्रमुख शासन को समाप्त कर दिया गया और भारत में विलीन कर दिया गया।आज भी सिसोदिया वंश के वंशज इस राज महल का कार्यभार संभाल रहे है” – 1984 वर्तमान

श्री अरविंद सिंह मेवाड़ – वर्तमान राजवंश कार्यपालक

Monsoon Palace Udaipur Architecture - बनावट

Monsoon Palace Udaipur 03

Image Credit : Wikimedia (Rakshat)

यह सज्जन गढ़ महल अरावली पहाड़ी श्रृंखला के एक ऊँचे बांसड़ारा शिखर के ऊपर समुद्र तल से करीब 944 मीटर (3100 फुट) की ऊंचाई पर संगेमरमर से बना हुवा तीन मंजिला एक सामान्य महल है।

इस महल के निर्माण का मुख्य उदेश्य एक 9 मंजिला परिसर का निर्माण करके एक खगोलीय केंद्र बनाना था जिससे महल के आसपास के विस्तार में मॉनसूनी बादलों की आवाजाही पर नजर रखना था।

उसके साथ साथ शाही परिवार के लिए एक सुंदर और अच्छे शांत स्थल का निर्माण करना भी था। 

दुर्भाग्य से महाराणा सज्जनसिंह की मृत्यु केवल 26 साल की आयु में ही हो गयी। 

जिनके परिणामस्वरूप कई योजनाए उस समय कुछ सालों तक स्थगित कर दी गयी थी।

उनमें से एक यह मॉनसून महल का निर्माण कार्य भी शामिल था।

इस मॉनसून महल में ऊँचे बुर्ज बने हुवे है। महल में कई कमरों के साथ साथ एक भव्य केंद्रीय हॉल बना हुवा है। दीवारों को चुने से प्लास्टर किया गया है।

इस महल में राजस्थानी वास्तुकला से बने गुंबद,फव्वारें और झरोखें सुंदर तरीकें से बनें हुवे है। किले के अंदर हल्के चौड़े गलियारे और कमरें बने हुवे है।

इस महल परिसर में 1,95,500  लीटर की क्षमता वाली एक भूमिगत टंकी बनी हुवी है जहाँ पर आज भी पानी इकट्ठा किया जा सकें वैसी अनूठी जल संचय संरचना मौजूद है।

अरावली पहाड़ियों में बनें इस मॉनसून पैलेस को शाम में सुनहरी नारंगी रोशनी से सजाया जाता है। जो दूर से बहोत ही सुंदर दिखाई देता है।

Monsoon Palace Udaipur Timings

9 Am – 5:30 Pm

Monsoon Palace Udaipur Ticket

  • Indian adult : 70/-
  • Children : free (below 5 yrs)
  • Private car/vehical from Udaipur : 150/- to 220/-
  • Auto/Texi : adult 95/-
  • Children : 55/-
  • Byke entry/Parking fee : 35/-
  • Car entry/Parking fee : 50/-

Atmospher - वातावरण

कहीं भी घूमने जाने से पहले आप को उस जगह का लाइव और आने वाले कुछ दिनों का वातावरण जान लेना अत्यंत आवश्यक है जिससे आप को किन किन चीजों की जरुरत रहेगी उसकी तयारी कर सको। 

जिससे आप अपनी यात्रा को ज्यादा सुखद कर सको।

में यहाँ पर आप को इस जगह का लाइव वातावरण जानने के लिए एक लिंक दे रहा हूँ जिससे आप यहाँ का वातावरण जान सकते हो।

How to Reach Monsoon Palace - मॉनसून पैलेस कैसे पहुंचे?

By Air :

उदयपुर का खुद का हवाई अड्डा है जिसे महाराणा प्रताप हवाई अड्डा के नाम से जाना जाता है। जो मॉनसून पैलेस से 31 किमी की दूरी पर आया हुवा। 

उदयपुर फोर्ट या सिटी पैलेस मॉनसून पैलेस से करीब 7.7 किमी की दूरी पर आया हुवा है।

यह एयर पोर्ट भारत के सभी प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुवा है। 

आप एयर पोर्ट से टैक्सी या लोकल व्हीकल से आसानी से मॉनसून पैलेस तक पहुँच सकते हो।

By Rail :

उदयपुर का खुद का रेल्वे स्टेशन है जो देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुवा है जो मॉनसून पैलेस से करीब 10 किमी कि दूरि पर आया हुवा है।

आप को रेल्वे स्टेशन से मॉनसून पैलेस तक पहुँचने के लिए लोकल व्हीकल या टैक्सी आसानी से मील जाएगी। 

उदयपुर तक पहुँचने के लिए कुछ प्रमुख ट्रैन इस प्रकार है..

बांद्रा-उदयपुर एसएफ एक्सप्रेस,

मेवाड़ एक्सप्रेस,

अनन्या एक्सप्रेस,

ग्वालियर-उदयपुर एक्सप्रेस,

चेतक एक्सप्रेस.

By Road :

उदयपुर का खुद का बस स्टेशन है जो राज्य और देश के कई प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुवा है। 

जब बस से यात्रा करने की बात आती है तो कई विकल्प है जैसे की डीलक्स बसें और राज्य परिवहन निगम की बसें प्रमुख माध्यम है।

आप यहाँ से लोकल व्हीकल या टैक्सी द्वारा मॉनसून पैलेस तक आसानी से पहुँच सकते हो।

Suggestion - सुझाव

मेरा सुझाव है की अगर आप यह मॉनसून पैलेस देखना चाहते हो तो सबसे पहले उदयपुर हवाई मार्ग, रैल मार्ग या सड़क मार्ग द्वारा पहले उदयपुर पहुँच जाइये।

उदयपुर में 1 रात्रि रुकने का प्लानिंग रखिये। उदयपुर में अपनी जरूरियात के मुताबिक रूम बुक करके दिन में उदयपुर शहर में आई हुवी देखने लायक जगहों को देख लीजिये जिसमे सिटी पैलेस मुख्य है।

सिटी पैलेस के बारे में मैंने एक आर्टिकल विस्तार से लिखा हुवा है अगर आप चाहो तो उसे निचे दी गई लिंक पर जाके इस जगह के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हो।

वैसे मॉनसून पैलेस एकदम सरल है सिटी पैलेस जितना जटिल और सुशोभित नहीं है लेकिन सूर्यास्त का सबसे सुंदर नजारा आपको सिर्फ मॉनसून पैलेस से ही मिल सकता है। इस लिए शाम का समय यहाँ पर गुजारना ज्यादा सुजावपूर्ण है।

इस लिए शाम के समय ढलता सूरज देखने के लिए आप इस मॉनसून पैलेस पर आइये। ढलते सूरज का नजारा इस मॉनसून पैलेस से बहोत ही सुंदर लगता है।

ऊँची पहाड़ी पर बने हुवे इस महल से ढलती शाम का माहौल आप को एक अलग शांति और मन को बहोत प्रसन्नता प्रदान करता है। शाम का यह मंजर शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

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Things to Know - कुछ जानने लायक बातें

  • मॉनसून पैलेस के पास खाने पिने के लिए एक छोटा रेस्टॉरंट आया हुवा है जहाँ पर खाने पिने की सामान्य चीजें मिल जाएगी।
  • यहाँ पर बंदर से थोड़ा सावधान रहिये। वैसे वो किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाते लेकिन खाने को देखके वो थोड़े बेकाबू हो जाते है। इस लिए हो सके तो यहाँ पर खाने का प्रोग्राम ना करें तो ही बहेतर रहेगा।
  • अगर आप यहाँ जाना चाहे तो भीड़ से बचने के लिए शाम के 4 – 4:30 बजे के करीब जरूर से यहाँ पर पहुँच जाइये। वैसे तो कई जगह या ऑन-लाइन में आप को एंट्री टाइम 6 बजे तक पता चलेगा लेकिन 5:30 बजे एंट्री बंद हो जाती है।

और जल्दी पहुँचने के कारन डूबता सूर्य देखने के लिए आप एक सुंदर जगह अपनी मर्जी से चुन सकते हो।

Where to Stay ? - कहाँ पर रुकें ?

उदयपुर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहाँ पर देश और विदेश से हर साल लाखों पर्यटक आते है। 

इसी कारण से उदयपुर सिटी में प्रत्येक वर्ग के पर्यटकों के लिए बहोत सारी होटल्स आयी हुवी है।

उदयपुर में मध्यम से ले कर लक्सुरियस होटल्स आयी हुवी है जो प्रति दिन 700 से लेकर 15000 तक के रूम चार्जिस ले कर बहोत ही अच्छी सुविधा प्रदान करती है।

में निचे कुछ लिंक दे रहा हूँ जिसकी मदद से आप डिस्काउंट रेट्स में आपकी जरूरियात कके अनुसार रूम धुंध सकते हो।

Note : मुझे निचे दी गयी कोई भी होटल्स की लिंक से किसी भी प्रकार की आय नहीं हो रही। यहाँ सिर्फ में उसे आप की अनुकूलता के लिए दे रहा हूँ।

Places to Visit Near Monsoon Palace - नजदीक में घूमने लायक जगह

शिकारीबाड़ी : यह एक छोटा महल है जिसे शिकार क्षेत्र के रूप में बनाया गया है। महाराणा सज्जन सिंह की मृत्यु के बाद, उनके उत्तराधिकारियों ने इस क्षेत्र को शिकार स्थल के रूप में इस्तेमाल किया।

अभयारण्य : महल के ठीक बगल में एक विशाल अभयारण्य है और एक हिरण या दो को देखना यहाँ बहुत आम है। कुछ भी इस क्षेत्र में बड़ी बिल्लियों को देखने का दावा करते हैं।

इस महल के चारों और वन्य जीव अभ्यारण्य बना हुवा है जिसे सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के नाम से जाना जाता है।

यह अभ्यारण्य ५।१९ वर्ग किलोमीटर (2 वर्ग मील) के क्षेत्र को महल को चारों और से घेरता है जिसे सन 1987 में स्थापित किया गया था।

इस पहाड़ी पर घाना जंगल है जिसे चारों और से कॉन्क्रीट की दिवार से घेरा हुवा है जिसके कारण वह पूरी तरह से संरक्षित अभ्यारण्य है।

इस अभ्यारण्य पैंथर,गिधड,हाइना,जंगली सुवर,हिरन,नीलगाय,सरीसृप और कई प्रकार के पक्षियों के लिए आरक्षित है।

उदयपुर में मॉनसून पैलेस के आलावा दूसरी भी बहोत सारी जगह घूमने लायक है। में उनमे से कुछ जगहों के नाम इधर दे रहा हूँ।

में इन सारी जगहों के बारे में अलग से एक आर्टिकल लिखूंगा। जिसकी लिंक में इधर अपडेट करदूंगा।

  • पिचोला ज़िल
  • सिटी पैलेस
  • सहेलियों की बाड़ी
  • लेक पैलेस
  • जग मंदिर
  • फतेह सागर झील
  • कुंभलगढ़ का किला
  • बागोर की हवेली

इनमें से मैंने कुंभलगढ़ फोर्ट जहाँ पर ध ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवाल बनी हुवी है उसके बारे में और सिटी पैलेस के बारे में दो आर्टिकल विस्तार से लिखे हुए है आप उसे निचे दी गई लिंक पर जाके पढ़ सकते है।

ज्यादा पढ़ें : 

Conclusion - निष्कर्ष

Monsoon Palace Udaipur – यह आर्टिकल मैंने अपने खुद के अनुभव और मेरे दोस्तों के अनुभव से लिखा हुवा है।

अगर आप मॉनसून पैलेस के बारे में और भी ज्यादा जानकारी रखते हो तो यहाँ पर कमेंट बॉक्स में जरूर से शेयर कीजिये जिससे यहाँ पर घूमने आने वाले यात्रिको को मॉनसून पैलेस के बारे में और भी अच्छी जानकारी मिल सके जो हमारा इस आर्टिकल लिखने का मुख्य उदेश्य भी है।

अगर आप को यह आर्टिकल में दी गयी जानकरी उपयोगी लगी हो तो एक लाइक करना न भूलें और अपने दोस्तों में जरूर से शेयर कीजिये।

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Note : आर्टिकल में दी गयी टिकट की किंमत समय समय पर बदल सकती है। मैंने यहाँ मौजूदा किंमत दी है जिसे में समय समय पर अपडेट करता रहूँगा।

फिरभी आप दी गयी किंमत को लगभग किंमत मान कर चलें।

मेरी दूसरी एक वेबसाइट www.Besttravelproducts.in है जिसमे घूमने जाने की लिए जरुरी सारी चीजें मिलती है जो एक Amazon एफिलिएट वेबसाइट है।

अगर आप चाहे तो उसे एक बार विसिट कर सकते है।

आशा करता हूँ की आप को आर्टिकल में दी गई जानकारी यहाँ पर घूमने आने के समय जरूर से मदद करेगी।

अपना कीमती समय इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

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