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Nageshwar Jyotirling Dwarka Full information in Hindiनागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शंकर के १२ ज्योतिर्लिग मै से एक है। गुजरात के इस नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का पुनः निर्माण टी-सीरीज के गुलशन कुमार ने करवाया था। आज हम नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में सब  जानकारी शेयर करेंगे ।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग ..

Nageshwar Jyotirling Dwarka

Photography Attribution : Nageshwar 

नागेश्वर एक ज्योतिर्लिंग है जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग मै से 10 वां  है।

गुजरात मै कुल 2 ही ज्योतिर्लिंग स्थापित है।

जिनमेंसे पहला सोमनाथ और दूसरा यहाँ नागेश्वर मै स्थित है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा ..

पौराणिक कथा के अनुसार सुप्रिय नामका एक धर्मात्मा और सदाचारी वैश्य रहता था।

वो भगवान शिव का बहोत ही भक्त था। वह निरंतर भगवान शिव की पूजा आराधना पुरे दिल से करता था। मन वचन और कर्म से वह भगवान शिव को पूरी तरह समर्पित था।

उसकी ये शिव भक्ति दारुक नामक राक्षस से देखि नहीं जाती थी इस लिए वो सुप्रिय के ऊपर क्रोधित रहता था। उसका हमेशा प्रयत्न यही रहता था की सुप्रिय की भक्ति में खलेल कैसे पहुँचावू?

एक बार की बात है ।

सुप्रिय और दूसरे कुछ लोग एक नौका पर सवार हो कर जा रहे थे। इस चीज का फायदा उठा कर दारुक ने उस पर आक्रमण कर दिया और नौका को डुबो दिया और नौका में सवार सभी यात्रियों को अपना बंदी बना लीया।

सुप्रिय कारागार मै भी भगवान शिव की भक्ति को नहीं छोड़ा और वहाँ उसने एक लिंग को स्थापित किया और पुरे दिल से भगवान की भक्ति करने लगा और साथ वाले लोगों को भी वैसा करने की प्रेरणा देने लगा जिसे दारुक न सुन पाया और कारागार पहुँच गया।

वो जब पहुंचा तब सुप्रिय आँख बंद करके शिव की आराधना कर रहा था जो देख कर दारुक बहुत ही गुस्से से चिल्ला कर बोला की हे दुस्ट तू आँखे बंद करके कोन सा सडयंत्र कर रहा है मेरे खिलाफ?

सुप्रिय उसके गुस्से से जराभी भयभीत नहीं हुवा और एकाग्रता से भगवान शिव की आराधना करता रहा।

उसकी प्रार्थना सुन कर भगवान शंकर प्रसन्न हुवे और ज्योतिर्लिंग के स्वरुप मै प्रगट हुवे और सुप्रिय को अपना पाशुपत अस्त्र दिया जिनकी मदद से दारुक का वध करके शिव धाम चला गया ।

सुप्रिय ने जो लिंगम स्थापित किया था, उसे नागेश कहा जाता था, यह दसवां लिंगम है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का समय..

वैसे तो ये मंदिर पुरे दिन खुला रहता है इस लिए आप कोई भी समय यहाँ दर्शन के लिए आ सकते है।

आरती का समय..

दर्शन :  06:00 – 09:00.

श्रृंगार दर्शन :  04:00.

शयन आरती : 07:00.

मंदिर बंध होने का समय :  09:00.

मंदिर में सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अनुमति है.

रुद्राभिषेक पूजा का समय..

अगर आप को रुद्राभिषेक पूजा करनी हो तो सुबह ८ से १० बजे के बिच मै ही होती है। मंदिर ट्रस्ट से जानकारी ले के आप ये पूजा में भाग ले सकते है।

जो व्यक्ति इस पूजा में भाग लेता है सिर्फ वो ही शिवलिंग के पास जा सकता है बाकि सब को मंदिर परिसर से ही दर्शन करने होंगे।


Nageshwar Jyotirling Dwarka Full information in Hindi

नागेश्वर जाने के लिए बढ़िया समय ?

इस जगह पर आने के लिए सर्दियों का समय सबसे अच्छा है। अक्टूबर से मार्च के बिच यहाँ आप ज्यादा एन्जॉय कर सकते है।

लेकिन अगर आप गर्मियों में आये हैं तो कृपया 11 से 4 के समय में न आए।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचे ?

Nageshwar Jyotirling Dwarka Full information in Hindi
Nageshwar Jyotirling Dwarka Full information in Hindi

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से नजदीकी रेलवे स्टेशन..

यहाँ से सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन द्वारका है।

ओखा जाने वाली सारी ट्रैन द्वारका रुक के जाती है। द्वारका से लोकल वाहन से यहाँ पहुंचा जा सकता है।

अगर आप गुजरात बहार से आ रहे हो तो अहमदाबाद उतर जाएं वहाँ से ट्रैन मिल जाएगी द्वारका आने के लिए।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से नजदीकी हवाई अड्डा.. 

जामनगर से द्वारका 126 किमी है

राजकोट से द्वारका 224 किमी है 

अहमदाबाद से द्वारका करीब 450 किमी है 

ये हरेक जगह से आपको बस और प्राइवेट कार मिल जाएगी आपको द्वारका जाने के लिए।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग बस से कैसे पहुंचे ?

द्वारका से नागेश्वर करीब 15 किमी की दूरी पर है।

नागेश्वर आने के लिए सबसे आसान तरीका द्वारका से कार या रिक्षा करके आ सकते है।

सरकारी द्वारका दर्शन की बस भी यहाँ नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाती है।

नागेश्वर मै रहने की व्यवस्था ?

यहाँ पर रहने की कोई व्यवस्था नहीं है।

आप द्वारका मै रुक सकते है जो यहाँ से करीब 15 किमी की दूरी पे आया हुवा है।

द्वारका मै रहने और भोजन की अच्छी व्यवस्था है। आप को अच्छी होटल मै रूम भी ऑनलाइन बुकिंग से मिल जायेगा कम दामों मै।

आप यहाँ निचे दी गयी लिंक पर जाके द्वारका मै रूम की जानकारी और प्राइस रेट जान सकते हो। 

दोस्तों द्वारका में देखने लायक जगह के बारे में मैंने अलग पोस्ट लिखी है जिसकी लिंक निचे दी है आप उसे जरूर पढ़ें।

link : Dwarka me dekhne layak jagah

दोस्तों मैंने अपने अनुभव से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में अच्छे से अच्छी तरह जानकारी देने का प्रयत्न किया है।

अगर आपको इस जानकारी में कुछ भी त्रुटि लगे या नागेश्वर के बारे में और भी कुछ शेयर करना हो तो प्लीज मुझे कमेंट करें।

आपका अमूल्य समय देने के लिए आपको धन्यवाद।

जय भोले।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

6 Comments

Jignesh · July 25, 2019 at 9:24 pm

Good work.

Priti · August 10, 2019 at 11:14 am

Good work .. really appreciated

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