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Places to visit near somnath – अगर आप सोमनाथ जाने का सोच रहे हो तो ये ब्लॉग आप को सोमनाथ टेम्पल टाइमिंग और सोमनाथ के नजदीकी घूमने की जगहों के बारे मैं जानकारी देगा।

पुराणों  के अनुसार सोमनाथ भगवान शंकर का पहला ज्योतिर्लिंग है जिसे चंद्र देव ने खुद अपने हाथों से बनाया था ऐसा माना जाता है। यहाँ सोमनाथ मै सोमनाथ मंदिर के आलावा भी बहोत सारी पौराणिक जगह है जिसे आप देख सकते है और उस जगह का आनंद उठा सकते है।

तो आइये आज हम ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में बात करते है।

Places to visit near Somnath - सोमनाथ में देखने लायक जगह

Places to visit near somnath

1. सोमनाथ मंदिर।

2. प्रभास पाटन म्यूजियम।

3. लक्ष्मी नारायण टेम्पल।

4. सोमनाथ बीच।

5. सूर्य मंदिर

6. त्रिवेणी संगम।

7. पांच पांडव गुफा।

8. हिंगलाज माता गुफा। 

9. परशुरामजी टेम्पल।

10. भालका तीर्थ।

11. प्राची।

Places to visit near somnath

सोमनाथ दर्शन कैसे करें ?

सोमनाथ दर्शन के दो तरीके है।

1. अगर आप के पास प्राइवेट वेहिकल है तो आप निचे समजाये गए रास्ते से आप सभी स्थलों पर क्वालिटी समय बिता सकते है। या आप प्राइवेट कार हायर करके भी सोमनाथ दर्शन कर सकते है लेकिन पैसो के मामले में वो थोड़ा सा महँगा पड़ेगा।

2. सोमनाथ से सोमनाथ दर्शन के लिए दिन में दो बार बस चलती है एक सुबह 8 बजे के करीब और दूसरी दोपहर 2 बजे के करीब जो आप को सोमनाथ के सारे दर्शनीय स्थलों पर ले जाएगी। 

1. सोमनाथ टेम्पल..

Places to visit near somnath

 Photography Attribution : Somnath Temple_Kuldeep S 

सोमनाथ मंदिर भारत के पश्चिमी तट पर सौराष्ट्र के वेरावल के प्रभास पाटन में स्थित है। भगवान शिव के कुल 12 ज्योतिर्लिंग है जिसमे से गुजरात में कुल 2 ज्योतिर्लिंग स्थित है।

पहला ज्योतिर्लिंग यहाँ सोमनाथ में स्थापित है और दूसरा ज्योतिर्लिंग द्वारका के पास नागेश्वर में स्थित है जो पुराणों के अनुसार 10 वे नंबर का है।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के ऊपर मैंने दूसरा ब्लॉग लिखा हुवा है जिसके बारे मै मैंने विस्तार पूर्वक बात की है जिसकी लिंक मैंने निचे दी हुवी है आप उसे भी पढ़ सकते हो।

link : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

link : नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

Somnath Temple- दर्शन के समय ..

सुबह 6 बजे से साम को 9 बजे।

आरती के समय : सुबह 6 बजे, दोपहर को 12 बजे और शाम को 7 बजे।

जय सोमनाथ साउंड एंड लाइट शॉ : शाम को 8 बजे से 9 बजे।

लगभग एक घंटे का शो,टिकट की कीमत 25 रुपये प्रति सिर और आधा टिकट 15 /- रुपये है। यह शो पौराणिक कहानी और स्थानों के महत्व के बारे में बताता है। यह प्रवासी तीर्थ के बारे में बताता है जहां भगवान कृष्ण अपना नश्वर शरीर छोड़कर स्वर्ग लौट गए।

यह मंदिर मंदिर के सभी कोनों से विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करता है। सभी भक्तों को मुख्य परिसर में प्रवेश करने से पहले सुरक्षा जांच से गुजारा जाता है।

मंदिर के अंदर मोबाइल,कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मान्य नहीं।

सोमनाथ कैसे पहुंचे ?

सोमनाथ मंदिर कैसे पहुंचे? कहाँ पर रुके? मंदिर का पौराणिक महत्व मैंने विस्तार से इस निचे दी गयी लिंक में समझाया है आप उसे क्लिक करके पढ़ सकते हो।

link : somnath Jyotirling

350 मीटर / 5 मिनट्स चलके ..

2 प्रभास पाटन म्यूजियम..

प्रभास पाटन म्यूजियम सोमनाथ मुख्य मंदिर से बिलकुल पास मै महज 350 मीटर की दूरी पर ही आया हुवा है जहां आप पैदल चल कर जा सकते हो।

यहाँ पर 10,11 और 12 वि सदी के कई शिल्प संभाल कर रखें हुए है। आज़ादी के बाद सोमनाथ मंदिर की पुनः प्रतिष्ठा के दौरान पुरे विश्व की 108 नदियों का जल भगवान शंकर के अभिषेक के लिए लाया गया था उसमे से कुछ नदियों के जल का संग्रह यहाँ आज भी मौजूद है।

सोमनाथ मंदिर को कई बार तोडा गया और कई बार बनाया गया। जब 1950 में सोमनाथ मंदिर का पुनःनिर्माण शुरू हुआ तब खुदाई में कई पुरानी मूर्तियां और मंदिर के अवशेष बाहर आये इन सभी को प्रभास पतन म्यूजियम में रखा गया है।

Open : सोम,मंगल और गुरुवार से रविवार ( सुबह 10:30 से शाम 5:30 )

Closed : बुधवार

एंट्री फीस 5 रूपीस, फॉरेन विज़िटर 50 रूपीस, और अगर आप को फोटोग्राफी करनी हो तो कैमरा के 100 रूपीस अलग से चार्ज है।

850 मीटर / 10 मिनट्स चलके ..

3. लक्ष्मी नारायण टेम्पल..

ये सोमनाथ में स्थित बहुत अच्छा विष्णु मंदिर है। जो भगवान विष्णु को समर्पित है।

यहाँ ध्यान करने और शांति पाने के लिए खुला स्थान है क्योंकि यह जगह काफी शांतिपूर्ण है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ हम बहुत सारी तस्वीरों को अच्छी जानकारी के साथ लिख सकते हैं।

यहां मंदिर के अंदर कैमरों को भी ले जाने की अनुमति है। फोटो प्रेमियों के लिए यह जगह फोटोजेनिक है,विभिन्न स्थान ऐसे हैं जहाँ से आप अच्छे फोटोग्राफ खींच सकते है।

मंदिर परिसर में ट्रस्ट धर्मशाला भी है।

Places to visit near Somnath

190 मीटर / 2 मिनट्स चलके ..

4. सोमनाथ बीच ..

Places to visit near somnath

Photography Attribution : Somnath Beach_Dhimant2702

सोमनाथ मंदिर के साथ साथ सोमनाथ बीच भी बहोत ही सुन्दर है। दर्शनीय स्थलों की यात्रा के बाद आप लोग यहाँ दो पल शांति से गुजर सकते है।

यहाँ समुद्र में नहाने की अनुमति तो है लेकिन यहाँ तात पे समुद्र का पानी ज्यादा तूफानी है इस लिए यहाँ नहाने की सलाह नहीं है। आप यहाँ किनारे पर बैठ कर दो पल चैन से बिता सकते है।

यहाँ के मुख्य आकर्षण में कैमल और हॉर्स राइडिंग,क्वाड बाइकिंग और जीप बैलूनिंग और पेरा सेलिंग भी कभी कभी होती है। यहाँ पर चौपाटी मै बहुत से फेरीवाले भी हो

ते है जिससे आपको थोड़ा हल्का फुल्का नास्ता भी मिल जायेगा।

 

1 किमी / 10 मिनट्स चलके..

5. सूर्य मंदिर ..

सोमनाथ बीच से करीब 1 किमी की दूरी पर सूर्य मंदिर आया हुवा है।यह मंदिर उसके नाम के अनुसार सूर्य देव और छाया देवी को समर्पित है। माना जाता है की यह मंदिर पौराणिक काल का है और पांडव अपने अज्ञात वास के दरमियान यहाँ पर रहे थे और यहाँ पर ही सूर्य देव की आराधना करते थे। 

वर्तमान मंदिर की संरचना 14 वि सताब्दी के आसपास हुई है और इसके आलावा इसका कोई जगह पर ऎतिहासिक उल्लेख नहीं मिलता है।मंदिर की सभी दीवालों पर ब्रह्माजी,विष्णु भगवान,लक्ष्मीजी,सरस्वती माता,सीता माता और पार्वती माता की मूर्तियां और तस्वीरों को बड़े ही अच्छे तरीके से दर्शाया गया है। साथ में देवी देवताओं के वाहन शेर,हाथी अनेक पक्षियों और जानवरों वगेरे की मूर्तियां भी बनाई हुवी है।

मंदिर के बिल्कुल करीब एक सूर्य कुंड है और कुछ कदम की दूरी पर हिंगलाज माता की गुफा आयी हुई है जहाँ पर हर रोज कई भक्त माता के दर्शन का लाभ लेते है।

मंदिर की स्थापना : महाभारत काल 

दर्शन समय : 6-9:30

प्रवेश : फ्री

650 मीटर / 5 मिनट्स चलके ..

6. त्रिवेणी संगम..

Photography Attribution : Triveni Ghat

त्रिवेणी संगम सूर्य मंदिर से महज 600 मीटर की दूरी पर आया हुवा 3 नदियों का संगम स्थल है।

यहाँ पर उसके त्रिवेणी संगम नाम के अनुसार 3 नदियां हिरण,सरस्वती और कपिला एक दूसरे से मिलती है।

यहाँ पर घाट पर बहुत सरे कबूतरों का जमावड़ा रहता है जो आपसे बहुत ही नजदीक से उड़ते है।

उनको मानव समुदाय से डर नहीं लगता। वो आप के हाथों में भी दाना खाने आ जाते है। जिनको पक्षियों से प्रेम है उनके लिए ये जगह बहुत ही सुन्दर है।

Places to visit near Somnath

230 मीटर / 2 मिनट्स चलके ..

7. पांच पांडव गुफा..

त्रिवेणी संगम से महज 250 मीटर की दूरी पर यह गुफा आयी हुई है जो पांडव भाइयों को समर्पित एक मंदिर बना हुवा है।

गुफा महाभारत काल की है और मंदिर का निर्माण करीब 1949 में स्वर्गीय बाबा नारायण दास द्वारा किया गया था।

यहाँ पर शंकर,राम-लक्ष्मण,सीता माता,हनुमानजी और दुर्गा माँ के भी अलग से मंदिर आये हुवे है। इसके आलावा यहाँ पास में ही व्यास गुफा और नारायण मंदिर भी आये हुए है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार पांडवों ने अपने अज्ञात वास दरमियान यहाँ पर शरण ली थी। 

यह गुफाएं कई मुस्लिम हमलों की गवाही देती है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर को कई बार अपने स्वार्थ के लिए नष्ट किया और मंदिर के समृद्ध खजाने को लूट लिया।

प्रवेश : फ्री 

 

कुछ कदम चलके ..

8. हिंगलाज माता गुफा ..

Places to visit near Somnath

Photography Attribution : Tourist PK Das

यहाँ पांच पांडव गुफा से कुछ कदम की दूरी पर ही हिंगलाज देवी की गुफा आयी हुवी है। जो पांडवों की कुलदेवी थी।

यह एक भूमिगत गुफा मंदिर है जो पांडवों की कुलदेवी हिंगलाज माता को समर्पित है।

यह गुफा लगभग 10 कदम गहरी है और एक बार में केवल एक व्यक्ति यहाँ रेंग कर जा सकता है। लेकिन एक बार निचे पहुँच जाएं तो पार्थना करने हेतु बैठने के लिए पर्याप्त जगह है। 

जिसका अनुभव अलग ही है।

पौराणिक कथाओं में कहा गया है की हिंगलाज माता पांडवों की प्रार्थमिक देवी मतलब की कुलदेवी थी और महाभारत के युद्ध में विजय पाने के लिए पांडवों ने यहाँ पर हिंगलाज माता की पूजा और आराधना की थी।

प्रवेश : फ्री 

600 मीटर / 5 मिनट्स चलके ..

9. परसुरामजी टेम्पल..

Places to visit near somnath

Photography Attribution : Tourist Kunal M.

परसुराम मंदिर सोमनाथ के दर्शनलिय स्थलों में से एक है। यह मंदिर त्रिवेणी घाट के तट पर स्थित है। 

लोकवायका ऐसी है की भगवन परसुराम ने क्षत्रियों को मारने के पाप से खुद को मुक्त करने के लिए यहाँ भगवान शंकर के आशीर्वाद पाके यहाँ तपस्या की थी। यह मंदिर त्रिवेणी घाट से नजदीक मै है। यहाँ पर संस्कार विधि होती है और लोग संस्कार विधि करने के बाद यहाँ पर पूजा करने के लिए आते है।

यह मंदिर भगवान परसुराम को समर्पित है और इस मंदिर में दो प्राचीन कुंड है और 3 रचना गर्भगृह,सभा मंडप और केंद्रीय मंडप बनी हुई है।

गर्भ गृह मै भगवन परसुराम की मूर्ति है और दोनों तरफ काला और कामके की मुर्तिया है। यहाँ पर आगंतुकों को गर्भ गृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।हालाँकि, कहीं भी इसका उल्लेख करते हुए कोई संकेत नहीं दिया गया था।

इस मंदिर मै हनुमानजी और गणेशजी के भी विशेष स्थान है।

यहाँ पर परसुराम मंदिर के पीछे उनकी माताजी माँ रेणुकाजी को समर्पित एक मंदिर भी आया हुवा है।

प्रवेश : फ्री 

फोटोग्राफी : अमान्य 

Places to visit near somnath

5.5 किमी / 15 मिनट्स वेहिकल से ..

10. भालका तीर्थ..

Places to visit near somnath

भालका तीर्थ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से महज 4 किमी की दूरी पर आया हुवा है। जो भगवान श्री कृष्ण के आखरी लम्हों की गवाही देता है।

इस तीर्थ के बारे में मैंने अलग से एक पोस्ट लिखी है जिसकी लिंक निचे दी हुई है जिसमे भालका तीर्थ का पौराणिक महत्व,देहोत्सर्ग तीर्थ,

दर्शन का समय,रोड मैप वगैरे की जानकारी दी हुई है। आप उस लिंक पर क्लिक करके भालका तीर्थ के बारे मै विस्तार से पढ़ सकेंगे।

Link : Bhalka Tirth

25 किमी / 50 मिनट्स वेहिकल से ..

11. प्राची ..

सोमनाथ से करीब २२ किमी की दूरी पर आया हुवा प्राची तीर्थ पौराणिक महत्वता के हिसाब से भारत के सबसे मुख्य पवित्र धामों में से एक है क्यों की मृत्यु के बाद की जो अनुष्ठान विधि है वो यहीं से होती है और काशी से भी प्राची की महत्वता ज्यादा है और धार्मिक रूप से काशी के सामान ही यह स्थान महत्वपूर्ण है।

पौराणिक महत्व ..

कथाओं के मुताबिक भगवन कृष्ण जो यदुवंशी थे उन्होंने अपने पूर्वजों के अनुष्ठान इसी तीर्थ पर किया था जिसकी वजह से हिन्दू धर्म में प्राची तीर्थ की महत्वता बहोत ही ज्यादा है।

पौराणिक धारणा के अनुसार श्री कृष्ण जब पांडवों को ढूंढते हुवे यहाँ पर आये तब साथ में उन्होंने उद्धव को श्रीमद भगवत गीता का ज्ञान दिया था और गीता का प्रचार किया था। उपदेश देते समय श्री कृष्ण यहाँ के एक पीपल के पेड़ के निचे बैठे थे। आज भी वो पीपल का पेड़ यहाँ पर है और उसका एक विशेष महत्त्व है।

सिर्फ एक समय के लिए प्राची तीर्थ में झुकने से मिलने वाले लाभ 100 बार के लिए काशी में झुककर प्राप्त होने वाले आशीर्वाद के बराबर हैं। अगर आप काशी में 100 बार दर्शन करो और जो पुण्य मिलता है उतना पुण्य सिर्फ 1 बार यहाँ प्राची में दर्शन करने से मिलता है।

इस लिए ही एक वाक्य बहुत ही प्रचलित है की 100 बार काशी 1 बार प्राची।

सोमनाथ मंदिर से दिन में दो बार सोमनाथ दर्शन के लिए बस चलती है। जो सोमनाथ के सारे दर्शनीय स्थलों के साथ साथ यहाँ प्राची भी आती है।

इस लिए अगर आप सोमनाथ आये हो तो जरूर से यहाँ जरूर से प्राची आइये।

दोस्तों मैंने आज सोमनाथ के बारे में थोड़ी जानकारी शेयर की है अगर आप और भी कुछ जानते हो तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर कमेंट  कीजिये। अगर आप को ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों से जरूर शेयर कीजिये।

पोस्ट में बताये गए फोटोज यहाँ पर घूमने गए टूरिस्ट के है जिनका पूरा क्रेडिट में उनको देता हूँ।

आपका समय इस ब्लॉग देने के लिए आप का तहेदिल से धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

3 Comments

ปั้มไลค์ · July 6, 2020 at 5:08 pm

Like!! Thank you for publishing this awesome article.

Gir National Park Information /Safari Booking/Timings/Fees - travellgroup · January 22, 2020 at 10:59 am

[…] ज्यादा पढ़ें : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग  […]

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