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Tambdi Surla – ताम्बड़ी सुरला मंदिर कुदरती संपदा से घिरा हुवा और शांति प्रिय प्रवासियों के लिए गोवा में घूमने के लिए एक विशेष स्थान है। 

अगर आप कुछ समय के बाद गोवा घूमने जाने की सोच रहे हो तो आप अपनी इस यात्रा को सिर्फ गोवा के समुद्री तटों तक ही सिमित न करें।

गोवा में आप और भी बहोतसी सुंदर जगहें घूम सकते हो। 

आज हम इस आर्टिकल में उस में से ही एक ताम्बड़ी सुरला महादेव मंदिर के बारे में थोड़ा विस्तार से जानेंगे।

यहाँ पर हम जिस शिव मंदिर के बारे में बात करने वाले है वह ताम्बड़ी सुरला महादेव मंदिर 12 वीं शताब्दी में बनाया गया था।

यह अदभुत मंदिर मोलम गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर है।

यदि आप गोवा में वही पुराने और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाकर थक गए हैं तो आपको इस खूबसूरत और शांत जगह पर बने मंदिर की यात्रा की योजना बनानी चाहिए जिसमें बहुत कुछ देखा जा सकता है।

यहाँ की स्थापत्य सुंदरता, प्राकृतिक परिवेश और मंदिर का ऐतिहासिक महत्व निश्चित रूप से आप के मन में एक विशेष स्थान छोड़ देगा।

तो आइये फ्रेंड्स शुरू करते है।

Tambdi Surla

Image Credit : Wikimedia (Mahabalaindia)

भारत की अध्यात्मक भूमि पर अनेक देवी देवताओं के मंदिर बने हुवे है जो अपना एक विशेष महत्व रखते है।

जिनमे से भगवान शंकर का स्थान सभी देवी देवताओं में विशेष है।

भारत में बने अनेक मंदिरो को अनेक राजाओं,मुग़लों और अंग्रेजों द्वारा नष्ट करने का प्रयत्न किया गया था।

जिनमे से कुछ मंदिर इन हमलों में बच गए जो समय को मात देकर आज भी अपने स्थानों पर शान से खड़े हुवे है।

ऐसा ही एक मंदिर गोवा के भगवान महावीर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में आया हुवा यह ताम्बड़ी सुरला मंदिर है।

गोवा में हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते है।

हालाँकि यह स्थान के बारे में आम पर्यटकों को जानकारी ज्यादा नहीं है जिसकी वजह से यहाँ के पास में आए स्थान पर पहुँचजाने के बावजूद वो यहाँ की जानकारी न होने की वजह से आ नहीं पाते।

प्रकृति के बिच में आया हुवा यह मंदिर आध्यात्मिकता,ज्ञान और रोमांच का एक अदभुत माहौल बनता है।

Tambdi surla History - इतिहास

Tambdi Surla

Image credit : Flickr (Dinesh Valke)

ताम्बड़ी सुरला मंदिर को गोवा के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है।

वैसे तो यह मंदिर वास्तुकला की जैन शैली में बना हुवा है लेकिन समर्पित भगवान शिव को है।

कुछ ऐतिहासिक रेकॉर्ड के मुताबिक इस मंदिर का निर्माण 12 वीं शताब्दी में यहाँ के कदंब वंश के राजा रामचंद्र के एक मंत्री द्वारा किया गया था।

कदंब वंश ने दसवीं और चौदहवीं शताब्दियों के बीच गोवा पर शासन किया था।

सिर्फ आप की जानकारी के लिए निचे में यहाँ पर गोवा पर शाशन करने वाले राजवंशों का शाशनकाल दे रहा हूँ।

पहली शताब्दी ईसा पूर्व से 1500 ईस्वी तक गोवा को नियंत्रित करने वाले राजवंश

  • Indo-Parthians : 2nd–4th centuries AD
  • Abhiras, Batapuras, Bhojas : 4th–6th centuries
  • Chalukyas of Badami : 6th–8th centuries
  • Rashtrakutas of Malkhed, Shilaharas : 8th–10th centuries
  • Kadambas : 1006–1356
  • Yadavas of Devagiri : 12th and 13th centuries
  • Vijayanagar Empire : 14th and 15th centuries
  • Bahmani Sultanate : 15th century

Tambdi Surla Architecture - स्थापत्य

Tambdi Surla

Image Credit : Flickr (Dinesh Valke)

ताम्बड़ी सुरला की भौगोलिकता और बनावट को देखें तो यह मंदिर सुरला नदी के तट पर बना हुआ है और हिंदू देवता भगवान शिव को समर्पित है।

पूरा मंदिर काले बेसाल्ट पत्थरों से बना हुवा है जिसमे एक अंतराला,गर्भगृह और नंदी मंडप शामिल हैं।

बेसाल्ट मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर लावा की तेजी से ठंडक से बनने वाली एक मैस्टिक चट्टान है।

पृथ्वी पर सभी ज्वालामुखीय चट्टान का 90% से अधिक बेसाल्ट है।

यह मंदिर कदंब वास्तुकला का सुंदर उदहारण है।

कदंब वास्तुकला भारत के कर्नाटक में 4 वीं शताब्दी ईस्वी में मयूरशर्मा द्वारा स्थापित मंदिर वास्तुकला की एक शैली थी। 

यह शैली वास्तुकला के होयसाल शैली की आधारशिला थी। ऐहोल, बादामी और हम्पी में कई मंदिर कदंब शैली में बने हैं। 

मंदिर के स्तंभों पर ब्रह्मा,विष्णु और शंकर की मूर्तियां बनी हुई है। आष्चर्य रूप से मंदिर का मंडप सादे भूरे रंग के ढलान वाले पत्थर से ढका हुवा है।

कदंब राज्य के प्रतिक घोड़े और हाथी को भी मंदिर के स्तंभ पर उकेरा गया है।

मंदिर के नंदी मंडप के केंद्र में एक सिर रहित नंदी (भगवान शिव का वाहन,बैल) स्थापित है जो चार स्तंभों से घिरा हुवा है।

मंदिर के गर्भगृह में भगवान शंकर के प्रतिक रूप एक शिवलिंग बना हुवा है और यहाँ की लोकवायका के अनुसार एक विशाल किंग कोब्रा मंदिर परिसर में कायमी रूप से निवास कर रहा है।

भगवान शंकर का मुख्य त्यौहार महाशिवरात्रि मंदिर के आसपास के गांव में रहने वाले स्थानीय लोगों द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है।

मंदिर के पास में बहने वाली सुरला नदी इस मंदिर के परिदृश्य को और भी मनमोहक कर देती है।

आप मंदिर के पास बनी हुई सीढियाँ उतरकर आध्यात्मिक स्नान के लिए इस नदी के तल तक पहुँच सकते हो।

Tambdi surla Timings & Fees

Timings

8:30 Am – 5:30 Pm

Entry Fees

Free

Best time to visit Tambdi Surla - ताम्बड़ी सुरला घूमने का सबसे अच्छा समय

मंदिर मोल्लेम नेशनल पार्क के जंगल के अंदर आया हुवा है और आप अगर कुदरत प्रेमी हो तो साल के कोई भी समय यहाँ पर जा सकते हो।

लेकिन अगर आप पास में आया हुवा दूधसागर फॉल जो भारत के सबसे ऊँचे झरनों में से एक है उसे भी देखना चाहते हो या महाशिवरात्रि के दौरान इस मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करना चाहते हो तो आप के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का है।

जिसमे आप बारिश के बाद बहने वाले दूधसागर वॉटरफॉल और मार्च में मनाये जाने वाला महाशिवरात्रि दोनों का आनंद एकसाथ उठा सकते हो।

मैंने दूधसागर वॉटरफॉल और मोल्लेम नेशनल पार्क दोनों के बारे में अलग अलग आर्टिकल विस्तार से लिखे हुए है जिसे अगर आप चाहे तो विस्तार से पढ़ सकते हो। 

लिंक में निचे दे रहा हूँ।

ज्यादा पढ़ें : 

  1. दूधसागर वॉटरफॉल
  2. मोल्लेम नेशनल पार्क

How to Reach Tambdi Surla ? - ताम्बड़ी सुरला कैसे पहुंचे ?

ताम्बड़ी सुरला महादेव मंदिर राजधानी पणजी से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर आया हुवा है। 

यह मंदिर वास्को डी गामा रेलवे स्टेशन से 72 किमी और मार्गो रेलवे स्टेशन से 58 किमी दूर उत्तरी गोवा में आया हुवा है।

By Air..

यदि आप हवाई यात्रा करके यहाँ पर पहुँचने की सोच रहे हो तो आप सबसे पहले गोवा के लिए सीधी उड़ान पसंद कर सकते है। 

एयरपोर्ट से आप ट्रैन,बस या टेक्सी का विकल्प पसंद करके सीधा मंदिर तक पहुँच सकते है।

By Train :

मंदिर के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन लगभग 21 किमी की दूरी पर कुलेम रेलवे स्टेशन है। 

स्टेशन से, आप आसानी से मंदिर तक पहुंचने के लिए एक टैक्सी प्राप्त कर सकते हैं।

By Bus..

ताम्बड़ी सूरला और उसके आसपास का क्षेत्र सड़क मार्ग से अन्य सभी स्थानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। 

इसलिए आप सड़क मार्ग से आसानी से मंदिर पहुंच सकते हैं।

गोवा से दूधसागर वॉटरफॉल जो ताम्बड़ी सूरला के पास ही आया हुवा है वहां तक कैसे पहुंचे उसके बारे में मैंने एक आर्टिकल बहुत ही विस्तार से लिखा हुवा है आप यहाँ आने से पहले एक बार उसे जरूर पढ़ें। लिंक में निचे दे रहा हूँ..

Read More : Goa to Dudhsagar

Conclusion

Tambdi Surla – यह आर्टिकल मैंने मेरे दोस्तों के अनुभव और ऑन-लाइन रिव्यूज़ से लिखा हुवा है।

अगर आप ताम्बड़ी सूरला के बारे में और भी ज्यादा जानकारी रखते हो तो यहाँ पर कमेंट बॉक्स में जरूर से शेयर कीजिये जिससे यहाँ पर घूमने आने वाले यात्रिको को ताम्बड़ी सूरला के बारे में और भी अच्छी जानकारी मिल सके जो हमारा इस आर्टिकल लिखने का मुख्य उदेश्य भी है।

अगर आप को यह आर्टिकल में दी गयी जानकरी उपयोगी लगी हो तो एक लाइक करना न भूलें और अपने दोस्तों में जरूर से शेयर कीजिये। 

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आशा करता हूँ की आप को आर्टिकल में दी गई जानकारी यहाँ पर घूमने आने के समय जरूर से मदद करेगी। 

मेरी दूसरी एक वेबसाइट Besttravelproducts.in है जिसमे घूमने जाने की लिए जरुरी सारी चीजें मिलती है जो एक Amazon एफिलिएट वेबसाइट है। 

अगर आप चाहे तो उसे एक बार विसिट कर सकते है।

अपना कीमती समय इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

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