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Where is Ajanta Caves ?अजंता केव्स कहाँ पर है और अजंता में आयी सारी गुफाओं के बारे में इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे। यह आर्टिकल आप को अजंता केव्स को समझने में जरूर से मदद करेगा।

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Ajanta Caves - अजंता की गुफाएं

Ajanta Caves

Image Credit : Wikimedia ( Goran tek-en )

अजंता की गुफाएँ बौद्ध स्मारक है जो अपने नाम के मुताबिक गुफाओं का एक समूह है जो लगभग 30 चट्टानों को काट कर बनाई गई है।

माना जाता है की उसे दूसरी शताब्दी इसा पूर्व से 480 इसा पूर्व तक बनाई गई है।

इन गुफाओं में चैत्य मठ या कक्ष है जो भगवान बुद्ध के जीवन और विहार को समर्पित है।

इन गुफाओं का उपयोग बौद्ध भिक्षुओं द्वारा ध्यान लगाने के लिए और बुद्ध की शिक्षाओं का अध्ययन करने के लिए किया जाता था।

गुफाओं की दीवारों तथा छतों पर बनाई गई तस्वीरें भगवान बुद्ध के जीवन की विभिन्न घटनाओं और विभिन्न बौद्ध देवत्व की घटनाओं का चित्रण करती हैं।

अजंता की गुफाओं में पत्थरों पर बनाये गए चित्र और पत्थर काट के बनाई गई मूर्तियाँ है। यह गुफाएँ प्राचीन भारतीय कला के बेहतरीन हयात उदाहरणों में से एक है।

अजंता की 80 % से ज्यादा गुफाएं विहार गुफाएं यानि की अस्थायी यात्री मठ थे।  इन गुफाओं में जमीं के अंदर बड़े भंडार भी मिले है जिसका उपयोग आगंतुकों और भिक्षुओं के लिए भोजन की आपूर्ति के लिए किया जाता होगा।

UNESCO के अनुसार ये गुफाएँ बौद्ध धार्मिक कला की उत्कृस्ट कलाकृतियां है जिन्होंने भारतीय कला को विश्व फलक पर रख दिया है।

Where is Ajanta Caves? - अजंता की गुफाएं कहाँ पर है?

भारत की पश्चिम दिशा में आए हुवे राज्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में आयी हुवी है।

औरंगाबाद से लगभग 105 किमी उत्तर पूर्व में एक दूर दराज की वाघुर नदी की घाटी में नदी के किनारे पर घोड़े की नाल के आकार में बना गुफाओं का एक समूह आया हुवा है जो पूरी तरह चट्टानों को काट कर बनाया गया है। 

30 गुफाओं के इस समूह को अजंता की गुफा के नाम से जाना जाता है।

अजंता की गुफाएँ वाघुरनदी के U आकर के किनारें की चट्टानी उत्तर की और आयी हुए डेक्कन पठार में दिवार की अंदर पायी गयी है।

इस नदी के घाट के भीतर कई झरनें है। जब नदी में पानी ज्यादा होता है तब इन गुफाओं से स्पष्ट सुने जा सकते है।

महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में अजंता और एल्लोरा की गुफाएँ प्रमुख है।

यह गुफाएँ एक दूसरे से करीब 100 किमी की दूरी पर आई हुई है।

अजंता की गुफाएं एल्लोरा की गुफाओं से कई समय पहले बनाई गई थी।

अजंता में निर्मित को गुफाओं में से अभी केवल 6 ही गुफा 1,2,9,10,16 & 17 ही थोड़ी अच्छी हालत में है बाकि की गुफाएं काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गई है।

आगे इस आर्टिकल में हम अजंता की गुफाओं तक कैसे पहुंचा जाये उसके बारे में विस्तार से बात करेंगे। पहले हम अजंता की गुफाओं के बारे में थोड़ा विस्तार से जान लेते है।

Ajanta Caves Information - अजंता केव्स इनफार्मेशन

Image Credit : Flickr ( Ashok Prabhakaran )

अजंता की गुफाएं तब तक दुनिया से छिपी रही जब तक सन 1819 में एक एक ब्रिटिश अधिकारी जॉन स्मिथ द्वारा शेरों के शिकार के लिए आयोजित की गई एक पार्टी में गलती से खोजा नहीं गया।

गुफाओं के इस जमघट में बौद्ध, जैन और हिंदू गुफाएँ बनी हुई है।

इन गुफाओं को दो चरणों में बनाया गया था।

प्रथम चरण : पहले चरण को करीब इसा पूर्व 2 शताब्दी के आस पास बनाया गया था।

दूसरा चरण : जबकि दूसरे चरण को करीब 400-650 शताब्दी के आस पास बनाया गया था।

सन 1983 से अजंता की इन गुफाओं को UNESCO द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोसित किया गया है। जिसका रेफरन्स नंबर जो UNESCO द्वारा दिया गया है वह 242 है। 

में आर्टिकल के अंत में UNESCO की ऑफिसियल साइट की लिंक देदूंगा जहाँ से आप इस साइट के बारे में ज्यादा जान पाएंगे।

इन गुफाओं में बुद्ध के पिछले जीवन और पुनर्जन्म,बुद्ध की रॉक-कट मूर्तियों को दर्शाते हुवे चित्र,भिक्षुओं के लिए विहार गुफाएँ,प्राचीन भारत के व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम स्थल,प्राचीन मठों,विभिन्न बौद्ध परंपरा के पूजा हॉल बने हुवे है।

यह गुफाएं करीब 75 मीटर (246 फ़ीट) की चट्टान काट कर बनाई गयी है।

अजंता की गुफा नंबर 1,2,16 और 17 भारतीय दिवार चित्रकला को जीवित रखने के सबसे बड़े कोष है।

अजंता की गुफाओं का उल्लेख भारत में कई मध्यकालीन युग के चीनी बौद्ध यात्रियों के उल्लेखों में पाए जाते है।

इन गुफाओं का उल्लेख 17 वीं शाताब्दी के मुग़ल युग के अकबर के दरबारी द्वारा भी किया गया था।

अजंता में जो शैली पायी गई है वोही शैली अन्य गुफाएँ जैसे की एल्लोरा गुफाएँ,औरंगाबाद गुफाएँ,एलिफेंटा गुफाएँ,शिवलेनि गुफाएँ और कर्णाटक के गुफा मंदिरों में भी पाई गई है।

Where is Ajanta Caves ?

Ajanta Caves History - अजंता की गुफाओं का इतिहास

Ajanta Caves History

Image Credit : Flickr ( Nevil Zaveri )

अजंता की गुफाओं को आम तौर पर दो अलग अलग अवधि में बनाया गया है।

प्रथम अवधि इसा पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर प्रथम शताब्दी और दूसरी अवधि प्रथम अवधि से कई सौ सालों के बाद।

अजंता की गुफाओं में 36 पहचान योग्य नंबर दिए गए है।

प्रथम बारी में गुफाएँ मिली उसके नंबर 1 से लेकर 30 दिए गए। अब कुछ गुफाएँ ऐसी थी जो बाद में खोजी गई। लेकिन उसके बनने का समय 1 से 30 नंबर की गुफा के बिच का पाया गया। 

इस लिए उनके नंबर आल्फाबेटिक रूप से मूल नंबर के साथ जोड़े गए। जैसे की कोई गुफा की बनावट का समय 15 नंबर और 16 नंबर की गुफाके बिच का पाया गया तो उसका नंबर 15A दिया गया। उसी प्रकार दूसरी गुफाओं के नंबर भी दिए गए। 

इस लिए यह दिय गए नंबर गुफा के निर्माण के क्रम को उतनी अच्छी तरीकें से प्रतिबिंबित नहीं करते है।

इन गुफाओं में चित्रों के अंदर रंगो का जिस तरह रचनात्मक उपयोग किया गया था उसे कलात्मकता का एक उच्चस्तर माना जाता है।

आइये दोस्तों हम इन गुफाओं के बारे में थोड़ा विस्तार से जान लेते है।

Persons & Things to know before knowing about Ajanta Caves - अजंता की गुफाओं के बारे में जानने से पहले व्यक्तियों और बातों को जानना

दोस्तों आइये सबसे पहले हम इन गुफाओं के निर्माण और संरक्षक की भूमिका निभाई उनके बारे में, गुफा की खोज होने के बाद उनके शोध संशोधन में सम्मलित व्यक्तिओं के बारे में, बौद्ध भिक्षुओं के बारे में, कुछ किवदंतिओं और अजंता में बनी गुफाओं के प्रकारों के बारे में थोड़ा संक्षिप्त में जान लेते है।

जिससे जब आगे आर्टिकल में उन व्यक्ति या वस्तु का नाम आए तो आपको उनके बारे में जानकारी हो जिससे आप इस आर्टिकल में दी गयी माहिती को अच्छे से समज पाए।

  • Vakataka Empire – वाकाटक साम्राज्य
  • Harisena – हेरिसेना
  • Walter Spink – वॉल्टर स्पिंक
  • Xuanzang – ह्वेन त्सांग
  • Shravasti – श्रावस्ती
  • Mara Stories – मारा कहानियाँ
  • Vihar Gufa – विहार गुफ़ा
  • Chaity Gufa – चैत्य गुफा

Vakataka Empire - वाकाटक साम्राज्य

वाकाटक साम्राज्य – सन 250 – 500

  1. विंध्यशक्ति – सन 250 – 270
  2. प्रवरसेना I – 270 – 330 
  3. सर्वसेना – 330 – 355
  4. विन्ध्यासना – 355 – 400
  5. प्रवरसेना II – 400 – 415
  6. नाम उपलब्ध नहीं – 415 – 450
  7. देवसेना – 450 – 475
  8. हरिसेना – 475 – सन 500

Harisena - हरिसेना

हरिसेना अपने पिता देवसेना के उत्तराधिकारी थे। वह बौद्ध वास्तुकला और संस्कृति के महँ संरक्षक थे।

अजंता के रॉक कट आर्किटेक्चरल सेल#16 के शिलालेख में कहा गया है की उसने उत्तर में अवंति(मालवा), पूर्व में कौसल(छत्तीसगढ़),कलिंग और आंध्र,पश्चिम में मध्य और दक्षिणी गुजरात, त्रिपुटा(नासिक) और दक्षिण में कुंतला(दक्षिणी महाराष्ट्र) को जीत लिया था।

हरिसेना के मंत्री और हस्तिभोज के पुत्र वराहदेव ने अजंता की गुफा#16 के रॉक-कट विहार की खुदाई की थी।

माना जाता है की उनके शाशनकाल में अजंता में तीन बौद्ध गुफाएँ, दो विहार गुफाएँ (16 और 17) और एक चैत्य गुफा 19 की खुदाई की गई जिनको चित्रों और मूर्तियों से सजाया गया था।

Where is Ajanta Caves ?

Walter Spink - वॉल्टर स्पिंक

Walter Spink

Image Credit : Walter Spink Official Website

वॉल्टर स्पिंक ने हावर्ड यूनिवर्सिटी में 1954 में पीएचडी की थी। वह मिशिगन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे।

उन्होंने सामान्य रूप से भारतीय कला पर व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित किया था जिसमे विशेष रूप से अजंता और सबंधित साइटों के बारे में संशोधन किया था।

स्पिंक ने अजंता की गुफाओं के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास, उनकी गुफाओं और चित्रकला के रहस्यों को दुनिया के सामने उजागर किया था।

92 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।

Xuanzang - ह्वेन त्सांग

Xuanzang

ह्वेन त्सांग एक प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु थे। वह हर्षवर्द्धन के शासन काल में भारत आए थे। वह भारत में 15 वर्षों तक रहें। 

उसने अपनी पुस्तक सी-यू-की में अपनी यात्रा तथा तत्कालीन भारत का विवरण दिया है। उसके वर्णनों से हर्षकालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक अवस्था का परिचय मिलता है।

वह एक महान विद्वान् थे और उत्तरी भारत के राजा हर्षवर्धन को उनके बारे में जब वह वापिस चीन जा रहें थे तब पता चला था। 

ह्वेन सांग ने 643 ईसा पूर्व भारत से प्रस्थान किया था और 645 ईसा पूर्व में चूआन पहुंचे थे। राजा हर्षवर्धन ने उनकी चीन वापस जाने की यात्रा को आसान बनाया था।

चीन पहुँचने के बाद उनको मंत्री पद की पेशकश की गई थी लेकिन उनकी इच्छा अपने धार्मिक कार्यो को पूरा करने की थी जिसकी वजह से उन्होंने उस प्रस्ताव का इनकार कर दिया था।

उन्होने भारत से लाये संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद करना शुरू कर दिया और 600 से अधिक बौद्ध ग्रंथों के अनुवाद को सफलतापूर्वक पूरा किया।

अपनी यात्रा के माध्यम से, उन्होंने अपनी असाधारण यात्रा, टिप्पणियों और अनुभवों पर एक पत्रिका लिखी जिसे बाद में पश्चिमी क्षेत्र के एचएसआई-यू ची या ग्रेट टैंग रिकॉर्ड्स के नाम से जाना जाता है। 

वर्तमान समय में उनके लेख उस समय भारत की और अन्य पश्चिमी देशों की स्थिति के बारे में जानने के लिए इकलौता अभिलेख है।

ह्वेन सांग वास्तव में एक महान यात्री और विद्वान थे जिससे भारतीय इतिहासकारों को भारतीय सभ्यता के बारे में जानने में बहुत मदद मिली है।

अगर आप उनके बारे में ज्यादा जानना चाहते हो तो में एक लिंक शेयर कर रहा हूँ जहाँ जाके आप उनके बारे में और भी ज्यादा जान सकते हो।

ज्यादा पढ़ें : ह्वेन सांग (वान ह्वेन सांग)

Shravasti - श्रावस्ती

श्रावस्ती प्राचीन भारत का एक शहर हुवा करता था और गौतम बुद्ध के जीवनकाल में प्रचीन भारत के छह सबसे बड़े शहरों में से एक था।

यह शहर उपजाऊ गंगा के मैदान में स्थित था जो हाल भी उत्तरप्रदेश के श्रावस्ती जिले के नाम से जाना जाता है।

यह शहर गौतम बुद्ध के जीवन से निकटता से जुड़ा हुवा है क्यूंकि माना जाता है की उन्होंने यहाँ पर 24 चातुर्मास बिताये थे।

कहा जाता है की वैदिक काल के राजा श्रावस्त ने इस शहर की स्थापना की थी।

Mara Stories - मारा कहानियाँ

Mara Stories

Image Credit : Flickr ( Akuppa John Wigham )

मारा बौद्ध धर्म में अवकाशीय राक्षक्षी राजा था जिसने गौतम बुद्ध को सुन्दर महिलाओं से आकर्षित करने की कोशिश की थी।

जिसे विविध दंतकथाओं में मारा की बेटियां कहा गया है।

Vihar Gufa - विहार गुफ़ा

प्रारंभिक संस्कृत और पाली ग्रंथो में इसका मतलब आनंद और मनोरंजन के लिए जगह या सुविधाओं की व्यवस्था।

यह शब्द हिंदू और जैन साहित्य में भी पाया जाता है। आमतौर से भारतीय मॉनसून के दौरान ज्ञान के प्रसार के लिए भटकते भिक्षुओं और ननों के लिए अस्थायी शरण होता है।

यह विहार गुफाएँ उन भिक्षुओं के लिए बनाई गयी थी वैसा माना जाता है।

Chaity Gufa - चैत्य गुफा

चैत्य हॉल भारतीय धर्मों में एक धर्मस्थल, मंदिर या प्रार्थना हॉल को दर्शाता है।

यह शब्द बौद्ध धर्म में सबसे आम है जिसका उपयोग बौद्धों द्वारा भारत के बहार नेपाल, कंबोडिया, इंडोनेशिया और अन्य जगहों पर छोटे स्तूप जैसी स्मारकों की स्थानीय शैलियों के लिए किया जाता है।

Where is Ajanta Caves ?

Number of caves in ajanta

अजंता की गुफाएँ बौद्ध स्मारक है जो अपने नाम के मुताबिक गुफाओं का एक समूह है जो लगभग 30 चट्टानों को काट कर बनाई गई है।

अजंता में करीब 30 गुफाएं आयी हुई है। जो इस प्रकार है।

Ajanta Ki Gufa - अजंता की गुफा

Cave # 1

Ajanta Caves - Cave# 1 Sketch

Cave#1 Sketch Image Credit : Wikimedia ( Erik128 )

Diameter : 35.7 मीटर  × 27.6 मीटर 

गुफा # 1 घोड़े की नाल के आकार वाले पूर्वी छोर पर पहेली गुफा है जहाँ से प्रवासी गुफाओं के इस समूह को देखना शुरू करते है।

वैसे तो इस गुफा का नंबर 1 है लेकिन इसका दूसरी गुफाओं के समय क्रम से कोई मतलब नहीं है।

प्रोफेसर वॉल्टर स्पिंक के अनुसार यह गुफा इस जगह बनी गुफाओं में से अंतिम समय में बनी गुफाओं में से एक है।

रिसर्चस के मुताबिक यह गुफा वाकाटक साम्राज्य के अंत समय में बनी हुई है। इसकी पुष्टि में कोई शिलालेख प्राप्त नहीं हुवा है लेकिन फिरभी ऐसा माना जाता है की वाकाटक साम्राज्य के राजा हरिसेना इस उत्तम गुफा का संरक्षक था।

उसका मुख्य कारण यह है की वैसे तो हरिसेना प्रारंभ में अजंता के संरक्षण में शामिल नहीं था लेकिन बाद में वह ज्यादा समय इससे अलग नहीं रह पाया। यहाँ पर गुफा में दर्शाये गए कई विषय राजसिक है।

Architecture – बनावट

अजंता की इस गुफा में बहोत अच्छेसे शिल्प और नक्काशी कार्य किया हुवा है। इस गुफा में बुद्ध के जीवन की कई घटनाओं को अंकित किया गया है।

यहाँ पर तीन द्वारपथ है। एक मध्य में और दो मध्य द्वार की दोनों और किनारे पे। यहाँ पर द्वारों के बिच दो खिड़कियां बनी हुई है। जिससे अंदर का एरिया प्रकाशित होता था।

गुफा में बने हॉल की दीवारे करीब 40 फ़ीट लंबी और 20 फ़ीट ऊँची है। हॉल में 12 स्तंभ छत को आधार दे कर खड़े हुवे है।

पीछे की दिवार पर बुद्ध की छवि बनी हुई है। दाई और बाई दिवार में चार चार रूम बने हुए है जिसकी दीवारें चित्रों से भरी हुई है जो आज तक अच्छी तरह संरक्षित हालत में है।

Where is Ajanta Caves - Cave 1

Cave # 1 Image Credit : Wikimedia ( Arian Zwegers )

Cave # 2

Ajanta Caves - Cave#2 Sketch

Cave#2 Sketch & other Caves Image Credit Given end of the article.

Diameter : 35.7 मीटर × 21.6 मीटर

गुफा 1 के बाजु में ही बनी गुफा 2 आई हुई है।

गुफा 2 अपनी दीवारों,स्तंभों और छतों पर आज तक संरक्षित अपने चित्रकारी के लिए जानी जाती है। यह गुफा अत्यंत सुंदर स्थिति में है।

Architecture – बनावट

इस गुफा में दो द्वार मंडप है जो गुफा 1 से बहोत ही अलग है। उसकी नक्कासी भी पहेली गुफा से अलग है। इस गुफा को सहारा देते दो बड़े स्तंभ बहोत ही अच्छी नक्कासी से भरे हुवे है।

इस गुफा की छतों और दीवारों पर बुद्ध के जन्म से पहले के बोधिसत्व रूप के अन्य जन्मों की कथाएं भित्तचित्र के रूप में दर्शायी गयी है।

पोर्च की पीछे की दिवार के बिच में से एक द्वार पथ है जहाँ से हॉल में प्रवेश होता है।

द्वार के दोनों और चोरस बड़ी खिड़कियां है जो यहाँ पर प्रचुर मात्रा में प्रकाश उपलब्ध कराती है।

गुफा 2 को करीब 460 के दशक में शुरू किया गया था लेकिन ज्यादतर काम 475 से 477 के बिच में किया गया था।

जिस तरह गुफा 1 में दर्शायी गई कहानियों में राजशाही पर जोर दिया गया है उस तरह गुफा 2 में कई महान और शक्तिशाली महिलाओं को प्रमुख भूमिकाओं में दर्शाया गया है।

जिससे ऐसा अंदाजा लगता है की इस गुफा की संरक्षक एक अज्ञात महिला होनी चाहिए।

हालाँकि गुफा का आकार और भूमि योजना पहेली गुफा से काफी समान है।

पूर्व की और खाली छोड़े स्थानों में बाद में जब आवास की जरूरियात बढ़ी तब निवास के लिए रूम बनाये गए है।

Where is Ajanta Caves - Cave#2m

Cave # 2 Image Credit : Flickr ( Anandajoti Bhikkhu )

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 3

Where is Ajanta Caves - Cave 3

Cave# 3 Image Credit : Wikimedia (Dey.sandip)

गुफा 3 एक उत्खनन की शुरुआत मात्र है। प्रोफेसर वॉल्टर स्पिंक के अनुसार यहाँ का काम अंतिम अवधि में शुरू किया गया था और जल्द ही छोड़ दिया गया था।

यह एक अधूरा मठ है और इस में केवल स्तंभ और बरामदे की प्रारंभिक खुदाई की गई थी। यह गुफा अंतिम परियोजनाओं में से एक थी।

सम्राट हरिसेना की आकस्मिक मृत्यु के ठीक पहले सन 477 शुरू की गई मानी जाती है।

Cave # 4

Ajanta Caves - Cave 4 Sketch

Diameter : 35 मीटर × 28 मीटर

यह गुफा मठ अजंता की गुफाओं में सबसे बड़ा है और यह लगभग 970 वर्ग मीटर (10,441 वर्ग फुट) जितना बड़ा है।

गुफा में एक चौकोर योजना है जिसमे उपदेश देते हुवे बोधिसत्वों और आकाशीय अप्सरा और बुद्ध की विशाल छवि दिखाई देती है।

इसमें एक बरामदा, एक हाइपोस्टिलर हॉल, एक गर्भगृह और अधूरे कोष की एक श्रृंखला बनी हुई है।

चौखट को उत्कृस्ट रूप से शिल्प से उकेरा हुवा है। दाहिनी और बौधिसत्व उकेरा गया है जो आठ महा संकटों से राहत देता है।

गुफा की छत ढहने की संभावना ने इसकी समग्र योजना को प्रभावित किया था जिसके कारण यह योजना अधूरी रह गयी थी।

इस गुफा में केवल बुद्ध की प्रतिमा और कुछ प्रमुख मूर्तियां ही पूरी हो सकी जिसे महत्त्व पूर्ण माना गया था।

उसके आलावा बाकि के शिल्पों और कलाकृतियों को कभी उकेरा नहीं गया वह अधूरे ही रह गए।

Ajanta Caves - cave 4

Ajanta Cave # 4 Image Credit : Wikimedia ( Ronakshah1990 )

Cave # 5

Ajanta Cave # 5 Image Credit : Wikimedia ( Sengai Podhuvan )

Diameter : 10.32 मीटर × 16.8 मीटर

गुफा 5 एक अधूरा उत्खनन मठ है।

गुफा 5 में दरवाजे की चौखट के आलावा मूर्तिकला और स्थापत्य कला इस गुफा में नहीं की गई।

गुफा का निर्माण करीब सन 465 में किया गया था लेकिन चट्टान में भूगर्भीय दोष के मालूम होते ही काम रोक दिया गया और इस गुफा को वैसे ही छोड़ दिया गया।

अस्माकस ने अजंता की गुफाओं में काम फिर से शुरू करने के बाद इस गुफा का निर्माण कार्य सन 475 में फिर से शुरू किया लेकिन उसे वपिस छोड़ दिया गया था और इस गुफा में बनाने वाला कार्य गुफा 6 में किया गया।

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 6

Ajanta Caves - Cave#6 Sketch

Diameter : 16.85 मीटर × 18.07 मीटर

गुफा 6 दो मंजिला मठ है। इस गुफा का निर्माण लगभग सन 460 से 470 के बिच का माना जाता है और यह पहला है जो परिचारक बोधिसत्व को दर्शाता है।

इसमें प्रथम मंजिल पर एक गर्भ गृह है और दोनों मंजिलों पर एक एक हॉल बने हुवे है।

निचला स्तर स्तंभों से बना हुवा है जिसमे कोष जुड़े हुवे है। उपलि मंजिल पर भी सहायक स्तंभ और कोष बने हुवे है।

दोनों मंजिलो के गर्भगृह में शिक्षण मुद्रा में बुद्ध को दर्शाया गया है। जबकि दूसरी जगहों पर बुद्ध को अलग अलग मुद्रा में दर्शाया गया है।

प्रथम मंजिल की दीवारें श्रावस्ती के चमत्कार और मारा किवदंतिओं के वर्णन को दर्शाती है।

गुफा 6 में ऊपरी मंजिल की कल्पना शुरुआत में नहीं की गई थी इस मंजिल को बाद में जोड़ा गया था। ऐसा माना जाता है की संभवतः पास की इस गुफा में जब भुस्तरीय कुछ खामियां पायी गयी तब इसे बनाने का बाद में सोचा गया।

ऊपरी गुफा का निर्माण संभवतः सन 465 में हुवा था जो बहोत तेजी से बढ़ा था और निचले स्तर की तुलना में बहुत गहरा था।

गुफा 6 में निचले स्तर और ऊपरी स्तर दोनों में कच्चे तेल के प्रयोग और निर्माण संबंधी त्रुटिया स्पस्ट रूप से दिखाई देती है।

दोनों स्तरों की दीवारों और गर्भगृह के चौखट पर गहन नक्कासी की गई है। ये कई पौराणिक जीवों,अप्सराओं,हाथियों को लहराते हुवे या स्वागत करते हुवे दिखाए गए है।

गुफा के ऊपरी स्तर में एक भक्त को बुद्ध के सामने घुटनों पर बैठा दिखाया गया है जो ५ वी शताब्दी में भक्ति पूजा प्रथा का संकेत देती है इस वजह से ऊपरी मंजिल ज्यादा महत्त्व पूर्ण है।

गुफा 6 की सिर्फ प्रथम मंजिल ही समाप्त हुई थी। ऊपरी मंजिल अधूरी रह गयी थी जिसमे कई निजी मूर्तियां और बुद्ध का एक मंदिर शामिल है।

जब राजा हरिसेन की अचानक मृत्यु हो गई तब इसे जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया।

Ajanta Caves - Cave # 6

Ajanta Cave # 6 Image Credit : Wikimedia (Akshatha Inamdar)

Where is Ajanta Caves ?

Ajanta Cave # 6 Upper Floor Image Credit : Wikimedia (Ronakshah1990)

Cave # 7

Ajanta Caves - Cave#7 Sketch

Ajanta Cave # 7 Sketch Image Credit : Wikimedia (Ms Sarah Welch)

Diameter : 15.55 मीटर × 31.25 मीटर

गुफा 7 भी एक मठ है जो एक मंजिला है।

जिसमे एक गर्भगृह, अष्टकोणीय स्तंभों वाला एक हॉल और साधु संत के लिए आठ छोटे कमरे बने हुवे है।

गर्भगृह में बुद्ध को उपदेश देती मुद्रा में दिखाया गया है।

बौद्ध विषयों का वर्णन करने वाली कई पैनल बनी हुई है जिनमे नागमुछलिंडा के साथ बुद्ध और श्रावस्ती के चमत्कार दर्शाये गए है।

गुफा 7 में दो बरामदे के साथ एक भव्य रवेश बना हुवा है। बरामदे में दो प्रकार के आठ खंभे बने हुवे है। बरामदा एक एंटीचेम्बर में खुलता है। इस एंटिचेम्बर में 25 नक्कासीदार बद्धों की बैठी हुई और कड़ी हुई मूर्तियां बनी हुई है।

शायद चट्टान में दोष के कारण गुफा 7 को कभी भी चट्टान में बहुत गहराई तक नहीं ले जाया गया था। इस गुफा में केवल दो बरामदे और एक मंदिर है जिसमे कोई भी हॉल नहीं है।

गुफा का आर्ट वर्क संभवतः समय के जाते सुधारणा और नवीनीकरणों में से पसार हुवा था।

पहला संस्करण लगभग सन 469 तक पूरा हो गया था और दूसरा संस्करण कुछ साल बाद करीब सन 476 और 478 के बिच चित्रित किया गया था।

Ajanta Caves - Cave # 7

Ajanta Cave # 7 Image Credit : Flickr (Anandajoti Bhikkhu)

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 8

Ajanta Caves - Cave # 8 Sketch

Ajanta Cave # 8 Sketch Image Credit : Wikimedia (Ms Sarah Welch)

Diameter : 15.24 मीटर × 24.64 मीटर

गुफा 8 एक और दूसरा अधूरा मठ है। 20 वि शताब्दी में कई दशकों तक इस गुफा का उपयोग भंडारण कक्ष के रूप में उपयोग किया गया था।

इस गुफा में अन्य गुफाओं की तुलना में आसानी से पहुंचा जा सकता क्यूंकि यह गुफा नदी के स्तर पर है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार यह संभवतः सबसे शुरुआती मठों में से एक है।

एक अनुमान के अनुसार भूस्खलन के कारण इस गुफा के सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।

भूगर्भीय दोष के कारण उस समय इस गुफा में खुदाई कठिन साबित होने लगी इस वजह से खुदाई को छोड़ दिया गया।

Ajanta Caves - Cave # 8

Ajanta Cave # 8 Image Credit : Wikimedia (Dharma from Sadao, Thailand)

Cave # 9

Ajanta Caves - Cave # 9 Sketch

Ajanta Cave # 9 Sketch Image Credit : Wikimedia

Diameter : 18.24 मीटर × 8.04 मीटर

गुफा 9 एक पूजा हॉल है। इस गुफा का निर्माण दो चरणों में हुवा था। प्रथम चरण 2 से 1 इसा पूर्व में था और दूसरा 5 वीं शताब्दी का माना जाता है।

वॉल्टर स्पिंक के मुताबिक गुफा 10 इस पूर्व पहेली शताब्दी में बनी थी और गुफा 9 लगभग 100 साल बाद बनी हुई थी।

गुफा 9 गुफा 10 की तुलना में छोटी है। लेकिन छोटी होने के बावजूद ज्यादा जटिल है।

गुफाएं 9A से 9D और 10A छोटी तीर्थ स्थल की तरह बनाई गयी थी।

गुफा 9 से मिले अवशेषों से यह पता चलता है की उसमे लकड़ी की फिटिंग की गयी थी। गुफा के गलियारे में 23 स्तंभों की एक पंक्ति है।

भक्ति और गुफाओं के पूजा हॉल चरित्र की वजह से चार अतरिक्त गुफाओं 9A, 9B, 9C, और 9D को गुफा 9 और 10 के बिच में जोड़ा गया था।

Ajanta Cave # 9 Image Credit : Wikimedia (Arian Zwegers from Brussels, Belgium)

Cave # 10

Ajanta Cave # 10 Image Credit : Wikimedia (Woudloper)

Diameter : 30.5 मीटर × 12.2 मीटर

गुफा 10 भी एक पूजा मठ है। गुफा 10 गुफा 9 की तुलना में बड़ी है।

इसा पूर्व 1 शताब्दी में बनी यह गुफा एक विशाल प्रार्थना हॉल था या एक चैत्य हॉल हुवा करता था।

यह गुफा गुफा नंबर 12 के पास में ही आयी हुई है और दोनों अजंता की कुछ सबसे पुरानी गुफाओं में से एक मानी जाती है।

इस गुफा में बड़ा केंद्रीय हॉल है जिसमे 39 अष्टकोणीय स्तम्भों की पंक्ति बनी हुई है। जो अंत में गलियारे और स्तूप एकदूसरे को अलग करते है।

स्तूप में एक प्रदक्षिणा पथ बना हुवा है। इसके आलावा गुफा में कई शिलालेख भी बने हुए है।

गुफा 10 ऐतिहासिक रूप से भी महत्व रखती है क्यूंकि अप्रैल 1819 में एक ब्रिटिश सेना अधिकारी जोन स्मिथ ने इस गुफा के ही आर्च को देखा था और बाद में गुफा के इस समूह को खोजै गया था।

गुफा में ब्राह्मी लिपि में एक संस्कृत शिलालेख मिला है जो अजंता का सबसे पुराना शिलालेख है इसलिए पुरातत्वीय रूप से यह गुफा बहोत ही महत्वपूर्ण है।

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 11

Ajanta Cave # 11 Image Credit : Wikimedia (Akshatha Inamdar)

Diameter : 19.87 मीटर × 17.35 मीटर

यह गुफा में बोधिसत्व और बुद्ध को दिखाने वाली कुछ पेंटिंग्स बनी हुई है।

इस गुफा का गर्भगृह अजंता में निर्मित अंतिम संरचनाओं में से एक हो सकता है क्यूंकि इसमें बैठे हुवे बुद्ध की चरों और एक परिधि पथ बना हुवा है और दीवारों पर बने कई चित्र आज भी बहोत ही अच्छी स्थिति मै है जो दर्शाते है की इस गुफा का निर्माण शायद अंतिम चरण में हुवा हो।

Cave # 12

Ajanta Caves - Cave#12 Sketch

Diameter : 14.9 मीटर × 17.82 मीटर

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुसार गुफा 12 इसा पूर्व 1 शताब्दी में बनाई गई थी।

इस गुफा की सामने वाली दिवार पूरी तरह ढह गयी है।

Ajanta Caves - Cave # 12

Ajanta Cave # 12 Image Credit : Wikimedia (Dharma from Sadao,Thailand )

Cave # 13

गुफा 13 प्रारंभिक गुफाओं में से एक है। यह गुफा एक छोटा मठ है जिसमें सात कक्ष है जिनमे से प्रत्येक में दो पत्थर के बिस्तर जो चट्टान से उकेरे हुवे है।

ऐसा अनुमान है की उसको भिक्षुओं के लिए बनाया गया गया होना चाहिए।

Cave # 14

Diameter : 13.43 मीटर × 19.28 मीटर

गुफा 14 एक और अधूरा मठ है और गुफा 13 के ऊपर बनाया गया है।

Cave # 15

Diameter : 19.62 मीटर × 15.98 मीटर

गुफा 15 एक पूर्ण मठ है। इस गुफा में एक प्राचीन कक्ष,एक पवित्र कक्ष और कई स्तंभों के साथ एक बरामदा बना हुवा है।

जिसमें आठ कक्षीय हॉल बना हुवा है। गर्भगृह में बुद्ध को सिंहासन मुद्रा में बैठा दिखाया गया है।

इस गुफा के द्वार की चौखट पर मकई खाते हुवे कबूतरों की नक्कासी की गयी है।

Cave # 15 A

गुफा 15A एक हॉल और एक कोष वाली सबसे छोटी गुफा है। इस गुफा का प्रवेशद्वार गुफा 16 की दाहिनी और आया हुवा है।

यह एक प्राचीन हिनायाँ गुफा है जिसमे तीन कोष एक छोटे से केंद्र कक्ष की चारों और खुलती है।इस गुफा में प्राचीन लिपि में एक शिलालेख था जो हाल खो गया है।

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 16

Ajanta Caves - Cave#16 Sketch

Diameter : 19.5 मीटर × 22.25 मीटर

गुफा 16 अजंता की गुफाओं में मध्य में बनी हुई है।

इस गुफा को वाकाटक के राजा हरिसेना के मंत्री वराहदेव द्वारा प्रायोजित किया गया था और उन्होंने इस गुफा को भिक्षुओं के समुदाय को समर्पित कर दिया था जिसका प्रमाण यहाँ पर एक शिलालेख मिला है जो उनकी इच्छा को व्यक्त करता है।

7 वीं शताब्दी में यहाँ पर आए एक चीनी यात्री और बौद्ध भिक्षुक ह्वेन त्सांग ने इस गुफा को साइट के प्रवेश द्वार के रूप में वर्णित किया हुवा है।

गुफा 16 ने पूरी साइट की वास्तुकला को प्रभावित किया है। वॉल्टर स्पिंक और अन्य विद्वानों ने गुफा 16 को “महत्वपूर्ण गुफा” कहा है।

यह गुफा पुरे गुफा परिसर के निर्माण और समापन चरणों के कालक्रम का पता लगाने में मदद करता है।

गुफा 16 एक महायान मठ है जिसमे मुख्य द्वार, दो खिड़कियां और दो गलियों के दरवाजे की अच्छी व्यवस्था है।

गुफा 16 बुद्ध के जीवन की कथाओं को दर्शाती है।

Ajanta Caves - Cave#16

Ajanta Cave # 16 Image Credit : Wikimedia (Anupamg)

Ajanta Caves - Cave # 16

Ajanta Cave # 16 Image Credit : Wikimedia (Dharma Sadao, Thailand)

Cave # 17

Ajanta Caves - Cave # 17 Sketch

Diameter : 34.5 मीटर × 25.63 मीटर

गुफा 17 गुफा 16 नंबर की गुफा के पास में बनी हुई है।

गुफा 16,17 और 26 हिन्दू वाकाटक प्रधान वराहदेव द्वारा प्रायोजित गुफाओं में से कुछ थी। इस गुफा 17 में स्थानीय राजा उपेन्द्रगुप्त जैसे अतिरिक्त दाता थे जिसका उल्लेख वहां पर मिलें शिलालेख में मिलता है।

गुफा 17 में एक बड़ी और सबसे श्रेष्ठ विहार डिजाइन है जिसमे सभी गुफाओं के कुछ बेहतरीन संरक्षित और प्रसिद्ध चित्र बने हुवे है।

गुफा 16 बुद्ध की जीवन कथाओं को चित्रित करती है वैसे गुफा 17 जातक कथाओं का वर्णन करती है।

इस मठ का हॉल 380 वर्ग मीटर (4,091 वर्ग फुट) वर्ग है, जिसमे 20 स्तंभ बने हुवे है।

गुफा 17 में राजा उपेन्द्रगुप्त का एक शिलालेख मिला है जिसमे उन्होंने बताया है की उन्होंने इस विहार के निर्माण के लिए बहोत धन खर्च किया हुवा है। उपेन्द्रगुप्त ने अजंता की गुफाओं में से करीब 5 गुफाओं को प्रायोजित किया हुवा था।

इस गुफा में करीब 30 भित्त चित्र मिले है जिनमे बुद्ध को विविध मुद्राओं और स्वरूपों में दर्शाया गया है। जैसे की विपश्यी, सिखी, विश्वंभू, क्रुचचंद, कनकमुनि, कश्यप और शाक्यमुनि।

कथावाचक भित्त चित्रों में विभिन्न जातक कथाओं का वर्णन किया गया है। जिसमे शदंत, हस्ति, हम्सा, वेसंतारा, सुतसोमा, महाकापी (दो संस्करणों में), सरभामिगा, माथे, मतिपोषक, श्यामा, महिषा, वलहसा, सिबि, रुरु और निगड़ाम्बा का वर्णन मिलता है।

Ajanta Cave # 17 Image credit : Wikimedia

Ajanta Caves - Cave # 17

Ajanta Cave # 17 Image Credit : Wikimedia (Jean-Pierre Dalbéra)

Cave # 18

Diameter : 3.38 मीटर × 11.66 मीटर

गुफा 18 एक छोटीसा लंबचोरस मठ है । इस गुफा में दो अष्टकोणीय खंभे है और यह एक दूसरे कोष में मिल जाते है।

इस गुफा को क्यों बनाया गया था उसका कोई उल्लेख नहीं मिलता है मतलब की इस गुफा को बनाने का प्रयोजन अस्पस्ट है।

Where is Ajanta Caves ?

Cave # 19

Ajanta Caves - Cave#19 Sketch

Diameter : 16.05 मीटर × 7.09 मीटर

गुफा 19 एक पूजा हॉल है। यह चैत्य गृह का है जो 5 वीं शताब्दी में बने होने का अनुमान है।

इस गुफा के हॉल में बुद्ध को अलग अलग मुद्रा में दर्शाया गया है। यह पूजा हॉल एक नक्काशीदार कमरा है।

हॉल से पहले इस गुफा में एक बड़ा कमरा बना हुवा है जो इस बात की और सम्भावना दर्शाता है की इस कमरे में भक्त इकट्ठा होकर इंतजार किया करते होंगे।

गुफा 19 में मूर्तिकला को प्राधान्य दिया गया है इस लिए यह गुफा उन गुफाओं में से एक है जो मूर्तिकला के लिए जनि जाती है।

गुफा में बना पूजा हॉल अर्धगोलाकार बना हुवा है जिसमे करीब 15 खंभे है जो हॉल को दो तरफ के गलियारों में विभाजित करता है।

Ajanta Caves - Cavve# 19

Ajanta Cave # 19 Image Credit : Flickr (Anandajoti Bhikkhu)

Cave # 20

Ajanta Cave # 20 Image Credit : Wikimedia (Dharma Sadao,Thailand)

Diameter : 16.2 मीटर × 17.91 मीटर

गुफा 20 5 वि शताब्दी में बनी एक मठ है।

प्रोफेशर वॉल्टर स्पिंक के मुताबिक इस गुफा का निर्माण करीब 460 साल में राजा उपेन्द्रगुप्त द्वारा शुरू करवाया गया था।

अन्य गुफाओं के निर्माण कार्य के साथ ही इस गुफा का निर्माण किया गया था लेकिन गुफा 17 और 19 की तुलना में काम प्राथमिकता से किया गया था।

गुफा 20 का काम रुक रुक कर किया गया था इस लिए लंबे समय तक काम चलता रहा था।

इस गुफा में एक गर्भ गृह, एक बरामदा और भिक्षुओं के लिए चार कोष और बहार से प्रकाश को आने के लिए दो रॉक कट खिड़कियां बनी हुई है।

गुफा के बरामदे में ब्राह्मी लिपि में एक संस्कृत शिलालेख भी बना हुवा है जिसमे इस गुफा को मंडप कह कर संबोधा गया है।

इस गुफा में की गयी सजावटी और अलंकारिक नक्काशी कुछ हद तक गुफा 17 और 19 के जैसी ही है।

इस लिए ऐसा माना जाता है की गुफा 17,19 और 20 के लिए एक ही कारीगर और आर्किटेक्ट ने काम किया होगा।

गुफा 20 में एक बात अजंता की दूसरी गुफाओं से अलग पड़ती है और वो है इसकी चौखट। इस गुफा की चौखट अर्ध संरचनात्मक है।

Cave # 21

Diameter : 28.56 मीटर × 28.03 मीटर

गुफा 21 एक मठ है। जिसमे भिक्षुओं के लिए 12 रॉक कट रूम, एक गर्भ गृह, एक बरामदा और 12 खंभे है।

हॉल को पूरी तरह से चित्रित किया गया था और गर्भ गृह में बुध को उपदेश मुद्रा में दिखाया गया है।

Cave # 22

Diameter : 12.72 मीटर × 11.58 मीटर

गुफा 22 एक छोटा विहार हॉल है।

इस गुफा के बरामदे की बाई और एक संस्कृत शिलालेख है।

Cave # 23

Diameter : 28.32 मीटर × 22.52 मीटर

गुफा 23 एक मठ है। लेकिन यह गुफा अधूरी है जिसमे एक हॉल है जिसकी डिजाइन गुफा 21 से मिलती जुलती है।

गुफा अपने स्तंभ सजावट और नागा द्वारपाल से उससे भिन्न पड़ती है।

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Cave # 24

Diameter : 29.3 मीटर × 29.3 मीटर

गुफा 24 भी अधूरा मठ है। यह गुफा भी गुफा 21 की तरह बहोत बड़ी है और अधूरी भी।

यह गुफा 4 के बाद सबसे बड़ी गुफा है। यह मठ जितना बड़ा है।

इस गुफा के निर्माण का प्लान सन 467 में किया गया था लेकिन निर्माण की शुरुआत बुद्धभद्र ने सन 475 में करवाया।

लेकिन इस गुफा के प्रायोजक राजा हरिसेना की मृत्यु के बाद इस गुफा का निर्माण कार्य अधूरा ही रहे गया।

Cave # 25

Diameter : 11.37 मीटर × 12.24 मीटर

गुफा 25 एक मठ है जिसका हॉल अन्य गुफाओं के हॉल की तरह ही है। इस गुफा में कोई गर्भ गृह नहीं है सिर्फ एक संलग्न आंगन बना हुवा है।

Cave # 26

Ajanta Caves - Cave #26

Ajanta Cave # 26 Image Credit : Wikimedia (Dey.sandip)

Diameter : 25.34 मीटर × 11.52 मीटर

गुफा 26 भी एक पूजा हॉल है जो गुफा 19 की तरह ही बड़ी विहार योजना है। यह चैतीगृह बहोत बड़ा है।

एक शिलालेख में ऐसी लिखावट मिली है जिसमे बताया गया है की इक साधु बुद्धभद्र और उसकी मित्र मंत्री अश्माका के राजा की सेवा करते थे जिनको यह गुफा राजा ने भेंट में दे दी थी।

यह संभावना है की कारीगरों ने गुफा 26 में चित्रों के बजाये मूर्तिकला पर ज्यादा ध्यान दिया था क्योंकि उनका ऐसा मानना था की पत्थर की मूर्तिकला दिवार पर चित्रों की तुलना में कहीं अधिक समय तक टिक पाएंगी।

गुफा 26 का निर्माण गुफा 10 के अनुभवों के आधार पर किया गया था।

यह खुदाई की गयी अंतिम गुफाओं में से एक है। इसमें मिले एक शिलालेख के अनुसार एएसआई ने इस गुफा का निर्माण काल 5 वीं सदी का अंत या 6 ठी सदी के शुरुआत का माना जाता है।

इस गुफा की प्रमुख कला कृतियों में बुद्ध का महापरिनिर्वाण और मारा द्वारा प्रलोभन नामकी किवंदंती है।

हॉल के केंद्र में एक रॉक कट स्तूप बना हुवा है और उसके सामने की और बुद्ध की एक छवि बनी हुई है। इसके आधार पर 18 पैनल और उनके ऊपर 18 पैनल बने हुवे है।

इस गुफा में कई चित्र बुरी तरह क्षति ग्रस्त हो गए थे जिसको साइट संरक्षण प्रयासों से वापिस बनाया गया है।

इस गुफा के पास में राष्ट्रकूट नानाराज के एक दरबारी का शिलालेख है जिसका समय काल करीब 7 वीं शताब्दी का अंत या 8 वीं शताब्दी के प्रारंभ का माना गया है।

अभी तह इसके बाद के समय का कोई शिलालेख नहीं मिला है इस लिए यह शिलालेख अजंता का अंतिम शिलालेख माना गया है।

Ajanta Caves - Cave # 26

Ajanta Cave # 26 Image Credit : Wikimedia (Ronakshah1990)

Ajanta Cave # 26 Image Credit : Wikimedia (Ketanphadke)

Cave # 27

गुफा 27 एक मठ है जो गुफा 26 के पास बनी हुई है। 

इस गुफा की ऊपरी दो मंजिल आंशिक रूप से ढह गयी है। इस मठ की रचना भी अन्य मठों के सामान है।

Cave # 28

गुफा 28 एक अधूरा मठ है जो अजंता परिसर के पश्चिम दिशा में बना हुवा है।

Cave # 29

गुफा 29 अजंता संकुल के उच्चतम स्टार पर बनी हुई गुफा है जो एक अधूरा मठ है।

जब प्रारंभिक संख्या प्रणाली लागु की गयी तब ये गुफा ध्यान में आयी नहीं थी। जबकि यह गुफा 20 और 21 के बिच में बनी हुई थी।

Cave # 30

Diameter : 3.66 मीटर × 3.66 मीटर

गुफा 30 वास्तव में अजंता परिसर की सबसे पुरानी गुफा हो सकती है।

जिसमे तीन कोष है जिस प्रत्येक में दो पत्थर के बने हुवे बिस्तर और तकिये बने हुवे है।

गुफा में अज्ञात लिपि में दो शिलालेख बने हुवे है। यह गुफा बड़े ध्यान से खुदी हुई है जो कोई एक बिंदु पर बंद हो जाती है।

सन 1956 में एक भूस्खलन के दरमियान इस गुफा को गुफा 16 के पास में ढूंढा गया। अनुमान है की इस गुफा को इसा पूर्व 1 शताब्दी में बनाया गया था।

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Best time to visit Ajanta Ellora- अजंता एलोरा की गुफाएं घूमने का सबसे अच्छा समय

वैसे तो आप पुरे साल में कभी भी यहाँ घूमने जा सकते हो लेकिन अजंता केव्स घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय जुलाई से लेकर मार्च तक का है।

क्यूंकि शर्दिया और मॉनसून यहाँ पर घूमने के लिए ज्यादा सुखद है। सूखा प्रदेश होने के कारन यहाँ पर गर्मिया ज्यादा तकलीफदेह होती है।

सबसे अच्छा समय शर्दियों का रहेगा अगर आप उस तरह का प्लान कर सकें।

Ajanta Caves Timings - अजंता केव्स टाइमिंग्स

Timings :

Tuesday to Sunday : 9 Am to 5 Pm

Monday Closed

Ajanta Caves Entry Fees - अजंता केव्स एंट्री फीस

INDIAN , SAARC & BIMSTEC देशों के पर्यटक : 

  • 40/- ( Cash )
  • 35/- (Online/Credit/Debit Card Payment )

15 वर्ष से कम आयु के बच्चे : Free

विदेशी पर्यटक : 

  • 600/- ( Cash )
  • 550/- (Online/Credit/Debit Card Payment )

Ajanta Caves On Line Booking - अजंता केव्स ऑन लाइन बुकिंग्स

यह एक जानीमानी आर्किओलॉजिक्ल साइट है जिसके कारण देश और विदेश से बहोत सारे प्रवासी यहाँ पर घूमने आते है जिससे टिकट के लिए कई बार लम्बी लाइनें लग जाती है।

इस परेशानी से बचने के लिए महाराष्ट्र टूरिज्म द्वारा ऑन लाइन टिकट बुकिंग की व्यस्था भी की हुई है अगर आप चाहो और आपका यहाँ पर जाने का प्लानिंग अगर पक्का हो तो आप ऑन लाइन टिकट बुक कर सकते हो।

में निचे उसकी ऑफिसियल साइट दे रहा हूँ आप वहां से टिकट बुक कर सकते हो।

Atmospher - वातावरण

कहीं भी घूमने जाने से पहले आप को उस जगह का और आने वाले कुछ दिनों का वातावरण जान लेना अत्यंत आवश्यक है जिससे आप को किन किन चीजों की जरुरत रहेगी उसकी तयारी कर सको। जिससे आप अपनी यात्रा को ज्यादा सुखद कर सको।

में यहाँ पर आप को इस जगह का लाइव वातावरण जानने के लिए एक लिंक दे रहा हूँ जिससे आप यहाँ का वातावरण जान सकते हो।

Where is Ajanta Caves ?

How To Reach Ajanta Caves - अजंता केव्स कैसे पहुंचे?

By Air..

अजंता केव्स के सबसे नजदीक का हवाई अड्डा औरंगाबाद है जो इन गुफाओं से लगभग १०५ किमी की दूरी पर आया हुवा है।

औरंगाबाद हवाई अड्डा देश के कई बड़े शहरों से सीधे जुड़ा हुवा है। यहाँ से बसें और टैक्सी आप को सीधा अजंता की गुफाओं तक पहुंचा देगी।

By Rail..

अजंता केव्स से नजदीकी रेल्वे स्टेशन औरंगाबाद और जलगांव है। ये दोनों जंक्शन भारत की प्रमुख ट्रेनों से अच्छी तरह जुड़े हुवे है।

जलगांव शहर अजंता गुफाओं से लगभग 60 किमी की दूरी पर आया हुवा है। जलगाँव जंक्शन मुंबई, आगरा, भोपाल, नई दिल्ली, ग्वालियर, झाँसी, गोवा, वाराणसी, इलाहाबाद, बैंगलोर, पुणे जैसे महत्वपूर्ण शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

यहाँ पर ट्रैन से पहुंचना ज्यादा सुविधाजनक और सस्ता भी है बशर्ते आप को कुछ महोनों पहले ही ट्रैन टिकट को बुक करवाना पड़ेगा।

यहाँ से आप बस या टैक्सी के माध्यम से आसानी से अजंता केव्स पहुँच सकते है।

By Road..

अजंता की गुफाएं देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुडी हुई है। इन शहरों से सबसे पहले आप को औरंगाबाद बस स्टेशन पहुंचना पड़ेगा। वहां से आप को कई सरकारी और प्राइवेट बसों के उपरांत टैक्सी भी मिल जाएगी गुफाओं तक पहुँचने के लिए।

आप महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बस ले सकते हैं जो औरंगाबाद सेंट्रल बस स्टेशन से सिद्धार्थ गार्डन और चिड़ियाघर के उत्तर में जाती है, और आपको अजंता की गुफाओं के प्रवेश मार्ग पर छोड़ती है।

By Local Transportaion..

औरंगाबाद में घूमने केलिए आसान तरीका ऑटो रीक्षा है लेकिन शहर के आस पास के देखने लायक स्थलों तक पहुँच ने के लिए स्थानीय टैक्सी आप को आसानी से मिल जाएगी।

अजंता और एलोरा की गुफाओं तक पहुँचने के लिए राज्य सरकार की कई MTDC की बसों के आलावा कई स्थानीय बसें भी आपको मिल जाएगी।

औरंगाबाद के नजदीकी प्रमुख देखने लायक स्थलों में अजंता और एलोरा केव्स है। इस लिए यहाँ तक पहुँचने के लिए यहाँ अच्छी ट्रांस्पोर्टेशन सुविधा है।

Hotels near ajanta caves

यहाँ पर रुकने के दो विकल्प है।

प्रथम की आप औरंगाबाद रेल्वे स्टेशन के पास में आए महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के होटल में रुक जाएं। में वहां की ऑफिसियल लिंकआप की अनुकूलता के लिए दे रहा हूँ।

Click here : Maharastra tourism room booking

दूसरा की आप नजदीक में आए हुवे कोई प्राइवेट होटल में रुक जाएं। जिसको सर्च करने के लिए में निचे लिंक दे रहा हूँ आप अपनी अनुकूलता के मुताबिक होटल ढूंढ़ सकते हो।

Note : मुझे निचे दी गयी कोई भी होटल्स की लिंक से किसी भी प्रकार की आय नहीं हो रही। यहाँ सिर्फ में उसे आप की अनुकूलता के लिए दे रहा हूँ।

Things to Buy near Ajanta Caves - क्या खरीदें ?

अजंता की गुफा के बहार काफी संख्या में छोटी दुकानें आयी हुई है। जहाँ से आप चांदी,मोती,हाथ से की गयी नक्कासी वाली मूर्तियां,बुद्ध के कपड़ों जैसे कपडे और अर्ध कीमतीं पत्थर वगैरा खरीद सकते है।

बुद्ध उपरांत अन्य हिंदु देवी देवताओं की मूर्तियां भी आप यहाँ से खरीद सकते है।

Where is Ajanta Caves ?

Places to Visit Near Ajanta Caves - नजदीक में घूमने लायक जगहें

औरंगाबाद और अजंता / एलोरा गुफाओं के बीच पर्यटन नियमित रूप से चलता है।अजंता की गुफाओं के आलावा और भी कई अच्छी जगहें यहाँ पर देखने के लिए है जिसके नाम इस प्रकार है।

  • घृष्णेश्वर मंदिर एलोरा,
  • एलोरा केव्स,
  • बीबी का मकबरा,औरंगाबाद
  • एलोरा में जैन गुफाएँ,
  • देवगिरी दौलताबाद किला,
  • औरंगाबाद की गुफाएँ,
  • बानी बेगम गार्डन, औरंगाबाद
  • औरंगजेब मकबरा,
  • औरंगाबाद जैन मंदिर,
  • छत्रपति शिवाजी संग्रहालय,
  • गोगा बाबा पहाड़ी,
  • दरगाह पीर इस्माइल,
  • जामा मस्जिद, औरंगाबाद
  • सलीम अली झील,
  • गौताला वन्यजीव अभयारण्य,
  • पितलखोरा गुफाएं चंदोरा पहाड़ियों में, औरंगाबाद
  • महिसमाल हिल स्टेशन,औरंगाबाद
  • हज़ूर साहब,नांदेड़
  • सोनेरी महल, औरंगाबाद

Distance between ajanta and ellora caves

अजंता और एलोरा गुफाओं के बिच का अंतर करीब 100 किमी का है जो करीब 2.5 से 3 घंटे में पार किया जा सकता है।

Referance Link for more Details

में यहाँ पर कुछ रेफरन्स लिंक दे रहा हूँ जिसकी मदद से आप अजंता केव्स के बारे में और भी ज्यादा जान पाएंगे।

Image Credit Of Sketch Cave # 2,4,6,12,16,17 & 19 : (Fergusson,James) Wikimedia 

हिस्टोरिकल साइट्स और आर्किओलॉजिकल साइट्स के बारे में मैंने दूसरे भी आर्टिकल्स विस्तार से लिखे हुवे है। 

जिनमें से कुछ की लिंक में निचे दे रहा हूँ अगर आप चाहें तो उसे भी पढ़ सकते हो।

Read More Articles :

Conclusion - निष्कर्ष

Where is Ajanta Caves ? – यह आर्टिकल मैंने मेरे दोस्तों के अनुभव और ऑन लाइन रिव्यूज़ की मदद से लिखा हुवा है।

अगर आप अजंता केव्स के बारे में और भी ज्यादा जानकारी रखते हो तो यहाँ पर कमेंट बॉक्स में जरूर से शेयर कीजिये जिससे यहाँ पर घूमने आने वाले यात्रिको को अजंता केव्स के बारे में और भी अच्छी जानकारी मिल सके जो हमारा इस आर्टिकल लिखने का मुख्य उदेश्य भी है।

अगर आप को यह आर्टिकल में दी गयी जानकरी उपयोगी लगी हो तो एक लाइक करना न भूलें और अपने दोस्तों में जरूर से शेयर कीजिये। और मेरी इस वेबसाइट को नोटिफिकेशन बेल दबाके जरूर से सब्सक्राइब कर लीजिये जिससे आगे आने वाले ऐसे और भी कई आर्टिकल का नोटिफिकेशन आप को मिल सके और मुझे और ज्यादा अच्छे आर्टिकल लिखने की प्रेरणा मिले।

मेरी दूसरी एक वेबसाइट www.Besttravelproducts.in है जिसमे घूमने जाने की लिए जरुरी सारी चीजें मिलती है जो एक Amazon एफिलिएट वेबसाइट है। 

अगर आप चाहे तो उसे एक बार विसिट कर सकते है।

Note : आर्टिकल में दी गयी टिकट की किंमत समय समय पर बदल सकती है। मैंने यहाँ मौजूदा किंमत दी है जिसे में समय समय पर अपडेट करता रहूँगा। फिरभी आप दी गयी किंमत को लगभग किंमत मान कर चलें।

अपना कीमती समय इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद।

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